हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बारिश थमने के बावजूद सोमवार को भूस्खलन और पेड़ ढहने का सिलसिला जारी रहा। विकासनगर की हिमुडा कालोनी के पास सुबह करीब सात बजे देवदार का पेड़ सड़क किनारे खड़ी कार पर गिर गया। इससे कार का एक हिस्सा चकनाचूर हो गया। स्थानीय पार्षद रचना भारद्वाज ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। विभाग ने दोपहर के समय पेड़ काटकर सड़क किनारे किया। बताया जा रहा है कि कार मालिक रक्षाबंधन पर परिवार के साथ एक दिन पहले ही यहां अपने रिश्तेदार के घर आया था।
गाड़ी सड़क किनारे पार्क थी। केल्टी में भी सड़क पर भूस्खलन होने के कारण सुबह यहां वनवे आवाजाही रही। वहीं हीरानगर जतोग सड़क पर हथनीधार के पास भूस्खलन होने से संपर्क सड़क बंद हो गई। लोक निर्माण विभाग के अनुसार पूर्व विधायक बलदेव शर्मा के घर के सामने एक व्यक्ति भवन निर्माण के लिए खुदाई कर रहा था। बारिश और कटिंग के कारण पहाड़ी से बड़ी चट्टान समेत मलबा सड़क पर आ गया।
इससे पूर्व विधायक के घर की नींव, रिटेनिंग वॉल और एक पिल्लर को नुकसान पहुंचा है। पहाड़ी पर अभी और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। गनीमत रही कि चट्टान सड़क पर ही रुक गई। भूस्खलन से पहाड़ी पर बने जलशक्ति विभाग के पेयजल टैंक को भी खतरा पैदा हो गया है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता मान सिंह ने बताया कि विभाग की टीम मौके पर जाकर चट्टान हटा रही है। बताया कि गलत तरीके से की खुदाई के चलते यह भूस्खलन हुआ है। शरोग में भी भूस्खलन होने की सूचना है।
बालूगंज चौक पर सड़क का हिस्सा धंसा, दरार पड़ी
बालूगंज चौक पर सड़क का एक हिस्सा धंसने लगा है। बारिश के चलते सड़क किनारे करीब पांच फीट लंबी दरार पड़ गई है। स्थानीय पार्षद किरण बावा ने सोमवार को मौके का दौरा किया। पार्षद ने बताया कि धंस रही सड़क के किनारे नगर निगम के दो बेंच लगे थे जिन्हें हटा दिया है। यहां एक बंद पड़ी पुरानी दुकान को भी खतरा पैदा हो गया है। पार्षद ने एमसी के आयुक्त आशीष कोहली को इस बारे में जानकारी दे दी है।
बालूगंज चौक के पास स्वीट्सशॉप के पास निर्माण कार्य के लिए की गई खुदाई से भी सड़क को खतरा पैदा हो गया है। लोगों का कहना है कि खुदाई के चलते सड़क तंग हो गई है लेकिन इसके बावजूद यहां से दोनों ओर वाहनों की आवाजाही जारी है। बड़ी बसें भी इस सड़क पर चल रही हैं जिससे कभी भी हादसा होने का खतरा है। ऐसे में इस सड़क को वनवे करने की मांग की है।