प्रदेश के भाषा अध्यापक तीन माह से परिणाम के इंतजार में हैं। 450 अभ्यर्थियों के मौखिक साक्षात्कार 5 अगस्त को लिए गए थे, लेकिन अभी तक रिजल्ट घोषित नहीं हो पाया है। अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड हमीरपुर ने 19 अप्रैल, 2015 को लिखित परीक्षा ली थी। करीब 3500 अभ्यर्थियों ने यह परीक्षा दी थी।
इसमें से 450 अभ्यर्थियों को मौखिक परीक्षा के लिए बुलाया गया। इनमें 146 भाषा अध्यापकों का चयन होना है। अभ्यर्थियों में उर्मिला रमौल, उरेंद्र, राजेंद्र कुमार, रेखा, प्रियंका, राखी और जयप्रकाश आदि ने बताया कि परीक्षा में कुछ ऐसे अभ्यर्थी बैठे थे, जो बीएड कर रहे थे। इनकी बीएड पूरी नहीं हुई थी, लेकिन मौखिक परीक्षा में तीन दर्जन अभ्यर्थियों को बाहर कर दिया गया।
इस पर कुछ ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है कि जिन अभ्यर्थियों की मौखिक परीक्षा के दौरान बीएड पूरी है, उन्हें भी पात्र समझा जाए। सरकार को इस विषय पर 30 अक्तूबर को अपना पक्ष रखना था। उन्होंने मांग की है कि सरकार इस मामले में जल्द अपना पक्ष रखे, ताकि 146 बेरोजगारों को नौकरी मिल सके।