स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान भूपेंद्र ठाकुर ने बताया कि स्कूल भवन पूरी तरह से खतरे की जद में आ गया है। उन्होंने एनएचएआई और जिला प्रशासन पर आरोप लगाया कि एसएमसी ने कई बार मौखिक और लिखित अपील की है लेकिन इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया। समय रहते अगर डंगे लग जाते तो स्कूल भवन खतरे की जद से बाहर होता।
अब स्कूल भवन में विद्यार्थियों और शिक्षकों का पढ़ना मुश्किल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि स्कूल के नीचे फोरलेन निर्माण कंपनी डंगे लगा रही थी कि अचानक पहाड़ से भूस्खलन होने से डंगे गिर गए।मिट्टी व मलबा हाईवे पर आ गया। स्कूल के नीचे पहाड़ से भूस्खलन होने से स्कूल भवन के एक किनारे को खतरा हो गया है।
वैकल्पिक व्यवस्था होने तक बंद रहेगा स्कूल : मखैक
उच्च शिक्षा उपनिदेशक योगेंद्र मखैक ने कहा कि जाबली स्कूल का दौरा कर लिया गया है। मंगलवार या बुधवार तक वैकल्पिक व्यवस्था कर ली जाएगी। इसके लिए स्कूल स्टाफ और एसएमसी को वैकल्पिक स्थान देखने के आदेश दिए गए हैं। 5-6 कमरों में स्कूल स्टाफ को जरूरी सामान और बच्चों को बैठने का प्रबंध करने के लिए कहा है। मौके की रिपोर्ट आला अधिकारियों को बता दी गई है।