हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल में रविवार को हल्की धूप खिलते ही जिस्पा के वामतट पर स्थित पहाड़ी से हिमस्खलन हुआ है। इसमें किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। बर्फबारी के बाद मौसम साफ होने के बाद हिमखंड गिरने का क्रम जारी हो गया है। कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिले समेत पहाड़ी क्षेत्रों में हिमस्खलन का खतरा बना हुआ है। हालांकि हिम और हिमस्खलन अध्ययन प्रतिष्ठान (सासे) ने कुल्लू, लाहौल, किन्नौर, चंबा और राजधानी शिमला में हिमस्खलन का अलर्ट जारी किया है।
जिला लाहौल-स्पीति के कई हिस्सों में रविवार को जिस्पा के समेत हिमस्खलन हुआ है, लेकिन किसी भी क्षेत्र से सड़क अवरूद्ध होने और नुकसान होने की कोई सूचना नहीं है। ऐसे में लाहौल-स्पीति प्रशासन ने लोगों से हिमस्खलन वाले क्षेत्रों में न जाने की एडवाइजरी जारी की है। उपायुक्त लाहौल-स्पीति नीरज कुमार ने कहा कि जिस्पा में हिमस्खलन हुआ है, जिसमें नुकसान की सूचना नहीं है। उन्होंने लोगों से हिमस्खलन की रेंज वाले क्षेत्रों में आवाजाही न करने की अपील की है।
वहीं, दिसंबर से हो रही भारी बर्फबारी से मनाली-लेह मार्ग एक माह से यातायात के लिए बंद पड़ा है। इस मार्ग पर 8 से 10 फीट तक बर्फ गिरी है। जिससे हटाना आसान नहीं है। इस सीजन की बर्फबारी खत्म होते ही सीमा सुरक्षा संगठन अप्रैल में मनाली-लेह मार्ग को यातायात के लिए बहाल करेगा। जबकि मनाली से केलांग तक मार्ग की बहाली का काम चला है।