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संकट के सिपाही : जेसीबी पर बैठकर पार की गहरी खाई, 12 बुजुर्गों को लगाया टीका

Sun, 30 May 2021 06:05 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

  • कठिन रास्ता पार करने में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दिखाई हिम्मत
  • स्वास्थ्य विभाग की टीम के जज्बे की सराहना की जा रही है
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राहुल चौहान, जेसीबी में बैठकर टीका लगाने के लिए जाती स्वास्थ्य विभाग की टीम और झांसी के डॉ. आर्या (दाएं) - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कोरोना के खिलाफ जारी जंग में स्वास्थ्य विभाग की टीमें अपनी जान जोखिम में डालकर अदृश्य वायरस को हराने में जुटी हुई हैं। करसोग की दूरदराज पंचायत सरतेयोला में स्वास्थ्य विभाग की टीम को पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। दरअसल शुक्रवार को टीम चलने फिरने में असमर्थ लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए सरतेयोला जा रही थी। इसमें फार्मासिस्ट माहूंनाग रमेश वर्मा, फीमेल हेल्थ वर्कर कुन्हों कला ठाकुर और हेल्थ सब सेंटर चिंडी की याचना शामिल थीं। सड़क निर्माण के कारण रास्ता खराब हो गया था। टीम ने टीकाकरण के लिए सरतेयोला जाने की ठानी और जेसीबी के पंजे (बकेट) में बैठकर ढांक को पार किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम के जज्बे की सराहना की जा रही है। 

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टीम ने चलने फिरने में असमर्थ करीब 12 बुजुर्गों को टीका लगाया। घरद्वार पर कोरोना वैक्सीन लगने से बुजुर्गों ने राहत की सांस ली है। इसके लिए स्थानीय प्रधान तिलक वर्मा ने बीएमओ करसोग सहित हेल्थ विभाग की टीम का आभार प्रकट किया है। प्रधान तिलक वर्मा ने बताया कि दूरदराज की पंचायत सरतेयोला में वैक्सीनेशन की गई। सड़क बनाई जा रही है जिस कारण रास्ते खराब हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस दुर्गम पंचायत में वैक्सीनेशन के लिए टीम भेजी। सीएमओ डॉ. देवेंद्र शर्मा ने भी टीम के इस हौसले के लिए उनकी पीठ थपथपाई है।




कोरोना पॉजिटिव मजदूर के शव को एसडीएम ने खुद पहुंचाया मुक्तिधाम
राहुल चौहान,
मंडी, हिमाचल प्रदेश
कोरोना काल में जहां अपने ही साथ छोड़ जाते हैं वहीं इस विकट परिस्थिति में कुछ लोग समाज के लिए उदाहरण बन जाते हैं। ऐसा ही उदाहरण बने हैं, सुंदरनगर के एसडीएम राहुल चौहान जिन्होंने कोरोना संक्रमित मरीज की पार्थिव देह को पहले वाहन में ऊना पहुंचाया था। वहीं कनैड के प्रवासी मजदूर के शव को भी एसडीएम ने पीपीई किट पहनकर चांदपुर स्थित मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार के लिए पहुंचाया। मौत के बाद मजदूर कोरोना संक्रमित पाया गया था। 
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कोरोना काल में एसडीएम राहुल चौहान की ओर से फ्रंटलाइन पर सेवा देने की क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है। उनकी की ओर से कोरोना काल में किए जा रहे सराहनीय कार्यों को लेकर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने प्रशस्ति पत्र भेजकर सम्मान भी दिया है। प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से मिले पत्र में कहा गया है कि बीबीएमबी डेडिकेटेड कोविड-19 संक्रमित के शव को अपने वाहन में ऊना जिला पहुंचाने पर एसडीएम ने मानवता की मिसाल पेश की है। एक प्रशासनिक अधिकारी के अतिरिक्त राहुल चौहान ने सामाजिक दायित्व को भी समझा है। इससे निश्चित तौर पर अन्य लोगों को प्रेरणा मिलेगी। 

दो बार हुए संक्रमित, 200 से ज्यादा यूनिट ब्लड और प्लाज्मा कराया दान 
डॉ. एमएल आर्या,
मेडिकल कॉलेज, झांसी
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. एमएल आर्या छह महीने के अंदर दो बार कोरोना पॉजिटिव हो गए। इसके बावजूद वह घर से ही काम करते रहे। उन्होंने लोगों को जोड़कर प्लाज्मा डोनर्स का समूह बनाया। सवा सौ से ज्यादा लोगों से उन्होंने प्लाज्मा दान कराया। इसके अलावा 75 से अधिक लोगों से ब्लड भी डोनेट कराया।

ब्लड बैंक में कोरोना काल में रक्त का टोटा हो गया था, ऐसे में ब्लड बैंक खाली होते जा रहे थे। मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक प्रभारी होने के नाते डॉ. एमएल आर्या ने ब्लड और प्लाज्मा डोनर्स का समूह तैयार किया। शुरूआत में लोग तैयार नहीं हो रहे थे लेकिन धीरे-धीरे कारवां बढ़ता गया। कोरोना के गंभीर मरीजों की प्लाज्मा थेरेपी भी खूब हुई। झांसी मेडिकल कॉलेज में तो लगभग 70 फीसदी मरीज प्लाज्मा थेरेपी से ठीक हुए। मरीजों की सेवा करते हुए डॉ. आर्या, उनकी पत्नी, बेटी और माता-पिता भी संक्रमण की चपेट में आ गए। डॉक्टर को छह महीने में दूसरी बार कोरोना हुआ। इसके बावजूद उन्होंने घर से ही ब्लड और प्लाज्मा दान करने का काम जारी रखा।

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