कुल्लू जिले में शनिवार को दो महीने बाद साहसिक गतिविधियां शुरू हुईं। रिवर राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग शुरू होने से साहसिक गतिविधियों के शौकीन अब कुल्लू- मनाली का रुख कर सकते हैं। ब्यास की जलधारा पर शनिवार को बबेली से लेकर बाशिंग तक राफ्टें उतरीं। साथ ही कई साइटों पर भी पैराग्लाइडिंग की उड़ानें हुईं।
हालांकि, पहले दिन कारोबार बेहद धीमा रहा। एक हफ्ते में कारोबार में तेजी आने की उम्मीद है। कुल्लू और मंडी के बीच सड़क की स्थिति ठीक होने के बाद लग्जरी बसें चलने लगी हैं। लेकिन पर्यटकों की संख्या कम होने से पर्यटन स्थलों में पर्यटकों की चहलकदमी अभी कम है।
आपदा के बाद जिस तरह से हालात सुधर रहे हैं, उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि दशहरा से पहले पर्यटन कारोबार पटरी पर लौटेगा। पर्यटन विकास अधिकारी सुनैना शर्मा ने बताया कि राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग शुरू हो गई हैं। आने वाले दिनों में पर्यटन कारोबार बढ़ेगा।
राफ्टिंग : सात किमी का 1,400 रुपये किराया
ब्यास की जलधारा पर होने वाली रिवर राफ्टिंग के दूरी के हिसाब से पैसे लिए जाते हैं। प्रति सवारी एक किलोमीटर के 200 रुपये चार्ज किए जाते हैं। पांच किलोमीटर के एक सवारी से 1,000 रुपये और सात किलोमीटर के 1,400 रुपये वसूल किए जाते हैं। ब्यास नदी में रायसन से बंदरोल, बबेली से बाशिंग और पिरड़ी से झीड़ी तक राफ्टिंग होती है।
बीड़-बिलिंग: पहले दिन 25 से अधिक पायलटों ने भरी उड़ान
बीड़-बिलिंग में शनिवार को टेंडम उड़ानों का दौर शुरू हुआ। पहले दिन 25 से अधिक पायलटों ने उड़ान भरी। टेंडम उड़ानें शुरू होने से बीड़ के पर्यटन व्यवसाय बढ़ेगा। टेंडम उड़ान के 2500 रुपए लिए जाते हैं। इसके अलावा पैराग्लाइडिंग वीडियो शूट करवाने पर अलग से 500 रुपए वसूल किए जाते हैं।
अक्तूबर में पैराग्लाइडिंग क्रॉस कंट्री प्री वर्ल्ड कप यहां प्रस्तावित है। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं। अक्तूबर-नवंबर पैराग्लाइडिंग के लिए उपयुक्त है। इस दौरान एक दर्जन से अधिक देशों के 300 पायलट बीड़ बिलिंग में मौजूद रहते हैं। पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुराग शर्मा और होटल एसो. के अध्यक्ष सतीश अबरोल का कहना है कि उड़ानें शुरू होने से पर्यटन कारोबार बढ़ेगा।
बंदला साइट से एक पायलट ने भरी उड़ान
बंदला पैराग्लाइडिंग से शनिवार को पहली उड़ान भरी गई। स्थानीय पायलट अजय ठाकुर ने पहली उड़ान भरी। पायलट ने बंदला की खूबसूरत वादियों से उड़ान भरी और लुहणू मैदान में लैंडिंग की। साइट से अब शीघ्र व्यावसायिक उड़ानें भी शुरू होंगी। कहलूर पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन ने ऑप्रेटरशिप के लिए आवेदन किया है, जिसकी औपचारिकताएं शीघ्र ही पूरी की जाएंगी।
इस बार व्यावसायिक उड़ानों को भी हरी झंडी मिली है। इसके चलते पर्यटक भी यहां से उड़ानों का लुत्फ उठा सकते हैं। व्यावसायिक उड़ानें केवल टेंडम पायलट ही कर सकते हैं। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सन्नी ने बताया कि उनके पास चार से 5 टेंडम पायलट हैं। ऑप्रेटरशिप मिलने पर बाहर के पायलट बुलाए जा सकते हैं।