इस बार कुल्लू दशहरा में कलाकेंद्र में लोगों को 500 रुपये में वीआईपी सीट मिलेगी। यह बैठने की क्षमता का दस प्रतिशत होगा। इसके कलाकेंद्र में वीआईपी गैलरी की व्यवस्था की जाएगी। इसकी सुविधा दशहरा में आने वाले पर्यटकों के साथ वे लोग उठा सकेंगे, जिन्हें कलाकेंद्र में रात्रि सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखने के लिए जगह नहीं मिलती थी। इसके लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी रहेगी।
अगर कोई सात दिनों तक वीआईपी गैलरी में कार्यक्रम देखना चाहता है तो उन्हें 3,000 रुपये का पैकेज दिया जाएगा। यह निर्णय देवसदन में हुई दशहरा उत्सव समिति की बैठक में लिया गया। सीपीएस और दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष सुंदर सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में दशहरा की तैयारियों को लेकर जिला स्तरीय बैठक हुई। इसके बाद अब अगली बैठक मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में शिमला में होगी।
उन्होंने दशहरा उत्सव के बनी सब कमेटियों व विभिन्न अधिकारियों को भी उनको दी जिम्मेदारियों को तय समय तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। इस मौके पर एपीएमसी के अध्यक्ष राम सिंह मियां, जिला देवी देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत रात ठाकुर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सेस राम आजाद, बुद्धि सिंह ठाकुर, उपायुक्त आशुतोष गर्ग और पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा सहित विभागों के अधिकारी और सब कमेटियों के सदस्य मौजूद रहे।
उत्सव में 18 देशों के सांस्कृतिक दल लेंगे भाग
बैठक में दशहरा के यातायात, सुरक्षा, पानी, बिजली, सड़क, लोगों कीे सुविधा सहित कई पहलुओं पर चर्चा की गई। वहीं दशहरा में इस बार रिकार्ड 18 देशों के सांस्कृतिक दल भाग लेंगे, जो दशहरा के सभी सात दिनों तक बारी-बारी से अपने देश की संस्कृति को पेश करेंगे।
उनके दिल्ली से लाने से लेकर कुल्लू दशहरा में रहने-खाने सहित तमाम सुविधा दशहरा उत्सव समिति करेगी। दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि हर साल की तरह दशहरा पर्व पर एक स्मारिका का प्रकाशन होगा। इस स्मारिका को दशहरा में स्टाॅल लगाकर पर्यटकों की सुविधा के लिए रखा जाएगा। इसे विदेशों तक कुल्लू दशहरा की जानकारी पहुंच सकें।
टिकट बिक्री गलत : जयराम
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कुल्लू का मेला हमारी सांस्कृतिक पहचान है। इस में हज़ारों की संख्या में देश-विदेश से लोग आते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार सरकार ने उस पर भी पांच सौ रुपये का टिकट लगा दिया है। यह लोक परंपरा के और हमारी संस्कृति के खिलाफ है। इस फैसले को सरकार वापस ले।