प्राइड ऑफ कुल्लू के नाम से दशहरा उत्सव में एक साथ 8,760 महिलाओं की कुल्लवी नाटी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल होगी। इसके लिए जिला प्रशासन ने प्रक्रिया तेज कर दी है। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं की यह अद्भुत व अनोखी नाटी पहले ही लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह बना चुकी है। अब जिला प्रशासन गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के मुख्य कार्यालय लंदन के संपर्क में है।
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल होने के लिए किन-किन दस्तावेजों की आवश्यकता है, इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डीसी कुल्लू एवं दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष राकेश कंवर ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि दशहरा उत्सव में पारंपरिक वेशभूषा में हजारों महिलाओं द्वारा एक साथ लोकनृत्य करना रिकॉर्ड है।