विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि नए विधायकों को कम से कम समय में यथार्थ बोलना, सदन के समय का सदुपयोग, सार्थक चर्चा करना और किस तरह से सदन में अपने निर्वाचन क्षेत्र की समस्याओं को उठान है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि नए विधायकों को कम से कम समय में यथार्थ बोलना, सदन के समय का सदुपयोग, सार्थक चर्चा करना और किस तरह से सदन में अपने निर्वाचन क्षेत्र की समस्याओं को उठान है। इसका प्रशिक्षण होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस बारे में चर्चा कर समाधान करना और वहीं नियमों की परिधि में रहकर अपने क्षेत्र के लोगों के सामयिक मुद्दों को उठाना चाहिए। उन्होंने यह बात नवनिर्वाचित विधायकों को प्रशिक्षण देने के दूसरे दिन कही। चौदहवीं विधानसभा के लिए नवनिर्वाचित और प्रथम बार सदन के सदस्य बने सदस्यों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने मंगलवार को कहा कि लोकतांत्रिक प्रणाली में विधायिका की भूमिका अहम है। पठानिया ने कहा कि कानून संसद और विधानसभा में बनाए जाते हैं, जबकि उन्हें बनाने वाले सांसद और विधायक हैं।
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इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में सदस्यों को बहुत कुछ सीखने को मिला है। जहां पीआरएस विधायी शोध के वक्ताओं की ओर संसदीय प्रणाली संवैधानिक विषयों और विधानसभा की आंतरिक प्रणाली की जानकारी दी गई, वहीं विधायकों को मिलने वाली सुविधाओं तथा उनके उत्तरदायित्व व कर्तव्यों के बारे भी विस्तृत जानकारी मिली है। वित्तीय दावे, विशेषाधिकार, बजट दस्तावेजों को समझना भी इसमें शामिल है। इस अवसर पर पठानिया ने कौंसिल चैंबर के महत्व पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर पठानिया ने नवनिर्वाचित विधायकों को संबोधित करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान का भी धन्यवाद किया। जयराम ठाकुर और हर्षवर्धन चौहान समापन अवसर पर मुख्य वक्ता थे।