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Himachal: पठानिया बोले- तपोवन में नवंबर के अंतिम सप्ताह में होगा विस का शीतकालीन सत्र, आठ बैठकें होंगी

Mon, 03 Nov 2025 05:53 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शाहपुर(कांगड़ा)।

सार

 विधानसभा का शीतकालीन सत्र इस बार नवंबर के अंतिम सप्ताह में आयोजित करने पर विचार किया जा रहा है। 
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विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया - फोटो : संवाद
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विस्तार
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विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि धर्मशाला के तपोवन में विधानसभा का शीतकालीन सत्र इस बार नवंबर के अंतिम सप्ताह में आयोजित करने पर विचार किया जा रहा है ताकि दिसंबर में पर्यटन सीजन होने के कारण धर्मशाला व इसके आसपास के क्षेत्रों में पर्यटकों व पर्यटन कारोबारियों को असुविधा न हो। सोमवार को रैत में चार दिवसीय फेडरेशन कप क्लासिक एवं इक्विप्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 के दूसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया खिलाड़ियों को संबोधित कर रहे थे।

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इस अवसर पर उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया भी विशेष तौर पर उपस्थित रहे। कुलदीप सिंह पठानिया कहा कि धर्मशाला के तपोवन में आयोजित होने वाले शीतकालीन सत्र में इस बार आठ बैठकें होंगी जोकि यहां पर अब तक की सबसे लंबी अवधि का विस सत्र रहेगा। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि हिमाचल विधानसभा एक विधायी संस्था के रूप में पूरे देश में बेहतरीन कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि रचनात्मक चर्चा, संवाद जितना अधिक होगा, संस्थाएं भी उतनी ही सशक्त होंगी तथा आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन के लक्ष्य को प्राप्त करने में सक्षम होंगी।
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पठानिया ने कहा कि सकारात्मक चर्चा तथा सुविचारित तर्क प्रस्तुत करने से व्यक्ति और संस्था दोनों की प्रतिष्ठा बढ़ती है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की गौरवशाली लोकतांत्रिक विरासत के बारे में कहा कि 1925 में पीठासीन अधिकारियों का पहला सम्मेलन शिमला में आयोजित किया गया था जो लोकतांत्रिक सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक क्षण था। विस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि विट्ठलभाई पटेल भी प्रदेश से केंद्रीय विधान परिषद के सभापति चुने गए थे। उन्होंने इस बात पर गर्व व्यक्त किया कि हिमाचल विधानसभा देश की पहली पेपरलेस विधानसभा है। पठानिया ने यह भी कहा कि हिमाचल के लोग अपनी देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों से विधायी कार्यों में दक्षता तथा पारदर्शिता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं तथा युवा विधायकों को उनके सुझाव प्रस्तुत करने के लिए उचित समय दिया जा रहा है। 
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