पंदलाही गांव की दो सिंचाई कूहलें और एक प्राकृतिक पेयजल स्रोत भी मलबे में समा गया। घराट गांव पंदलाही निवासी अच्छर सिंह और गांव सास्ति निवासी मस्त राम के थे। सुंदर सिंह का तीसरा घराट भी पूरी तरह खतरे की जद में आ गया है। पहाड़ी पर लगाए गए सचेतक भी शुक्रवार रात की घटना को लेकर नहीं बज पाए। हालांकि, पहाड़ी में हलचल नहीं थी। प्री मानसून कार्य के नाम पर खोदी गई मलबे ने यह कहर बरपाया है।
प्रशासन और विभाग की कोताही से फिर हुआ नुकसान- ग्रामीणों पूर्व उपप्रधान टेक सिंह, रावण सिंह, हरीश कुमार, मिंटू राम, भाटकू राम, भूप सिंह, हितेंद्र सिंह, अनंत राम, गोपाल सिंह, रमेश कुमार ने कहा कि प्रशासन द्वारा प्री-मानसून के नाम पर मलबे से की गई छेड़छाड़ से यह नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने कहा कि प्री-मानसून में कोटरोपी की दरकी पहाड़ी के नीचे लोक निर्माण विभाग द्वारा मशीनों के माध्यम से खुदाई की थी तो उस दौरान मिट्टी दलदल में समा रही थी।
एसडीएम पधर डॉ. आशीष शर्मा ने कहा कि नाले के समीप सटे घरों को पहले ही सतर्क रहने के आदेश दिए हैं। सभी परिवारों को फौरी तौर पर तिरपाल जारी कर दिए हैं और उन्हें सुरक्षित स्थान पर जाने के आदेश दिए हैं। प्रशासन राहत और बचाव कार्य को लेकर सतर्क है। उन्होंने सारे आरोपों को सिरे से नकारा है।