फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साल भर आराम, बरसात में छेड़ दी 48 जानें लेने वाली कोटरोपी पहाड़ी

Sun, 29 Jul 2018 01:48 PM IST
कुलदीप शर्मा, अमर उजाला, पधर (मंडी)
विज्ञापन
विज्ञापन

कोटरोपी त्रासदी में 48 लोगों की जान जाने के बाद भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया है। पिछले वर्ष अगस्त में हादसे के बाद कोटरोपी की दरकी पहाड़ी से मार्ग बहाली के अलावा सालभर प्रशासन ने कुछ खास नहीं किया है। जहां पहाड़ी दरकने का मुख्य स्पाट है, वहां आईआईटी मंडी के सहयोग से सचेतक सूचना अलार्म लगाए हैं।

विज्ञापन


इससे भूस्खलन से पहले इसकी जानकारी एसएमएस के माध्यम और सायरन से अलर्ट मिल जाए। इसके बाद जब प्री-मानसून की आहट हुई तो पहाड़ी में पानी की निकासी के लिए काम छेड़ दिया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और लोनिवि की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। नतीजतन यह पहाड़ी दोबारा से दरकना शुरू हो गई है।

आरोप था कि प्रशासन अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के मकसद से लाखों रुपये के कार्य लेटलतीफी से शुरू कर रहा है। इससे प्रशासन की कारगुजारी यहां पर लोगों पर भारी पड़ गई है। नतीजतन छेड़छाड़ के बाद मलबा दलदल में तबदील हो गया। कभी भी पहाड़ी दरक कर दोबारा त्रासदी का सबब बन सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

यह है हालत

पंदलाही गांव की दो सिंचाई कूहलें और एक प्राकृतिक पेयजल स्रोत भी मलबे में समा गया। घराट गांव पंदलाही निवासी अच्छर सिंह और गांव सास्ति निवासी मस्त राम के थे। सुंदर सिंह का तीसरा घराट भी पूरी तरह खतरे की जद में आ गया है। पहाड़ी पर लगाए गए सचेतक भी शुक्रवार रात की घटना को लेकर नहीं बज पाए। हालांकि, पहाड़ी में हलचल नहीं थी। प्री मानसून कार्य के नाम पर खोदी गई मलबे ने यह कहर बरपाया है।

प्रशासन और विभाग की कोताही से फिर हुआ नुकसान- ग्रामीणों पूर्व उपप्रधान टेक सिंह, रावण सिंह, हरीश कुमार, मिंटू राम, भाटकू राम, भूप सिंह, हितेंद्र सिंह, अनंत राम, गोपाल सिंह, रमेश कुमार ने कहा कि प्रशासन द्वारा प्री-मानसून के नाम पर मलबे से की गई छेड़छाड़ से यह नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने कहा कि प्री-मानसून में कोटरोपी की दरकी पहाड़ी के नीचे लोक निर्माण विभाग द्वारा मशीनों के माध्यम से खुदाई की थी तो उस दौरान मिट्टी दलदल में समा रही थी। 

एसडीएम पधर डॉ. आशीष शर्मा ने कहा कि नाले के समीप सटे घरों को पहले ही सतर्क रहने के आदेश दिए हैं। सभी परिवारों को फौरी तौर पर तिरपाल जारी कर दिए हैं और उन्हें सुरक्षित स्थान पर जाने के आदेश दिए हैं। प्रशासन राहत और बचाव कार्य को लेकर सतर्क है। उन्होंने सारे आरोपों को सिरे से नकारा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें