प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों के लिए खाने-पीने का विशेष बंदोबस्त किया गया। अंत तक प्रतियोगिता में टिके रहे विद्यार्थियों को घर छोड़ने की व्यवस्था भी की गई। उधर, ग्रैंड मास्टर विश्वनाथन आनंद से प्रभावित संयुक्त निदेशक हितेश आजाद ने बताया है शनिवार को आयोजित हुई प्रतियोगिता उनके लिए आसान नहीं रही।
एक चाल चलने के बाद जब उसी टेबल पर वापस लौट कर खेल को दोबारा समझ कर अगली चाल चलनी पड़ी। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों के उत्साह को सराहते हुए इसे अपने जीवन का एक अनोखा अनुभव बताया।
शतरंज की इंटर कॉलेज और इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिताएं खेल चुके संयुक्त निदेशक हितेश आजाद ने बताया कि प्रतियोगिता के चयनित सातवीं से लेकर बारहवी कक्षा के सौ विद्यार्थियों में से कइयों की गेम बहुत उम्दा रही। इस कारण ही अधिक समय लगा।