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गुड़िया के पिता बोले- सभी कातिलों को फांसी पर चढ़ा दो, तब मिलेगा बेटी को इंसाफ

Sat, 07 Jul 2018 11:52 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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चार फुट के उस कातिल के अलावा सभी हत्यारों को पकड़ो। सबको फांसी पर चढ़ा दो। तभी मेरी गुड़िया को इंसाफ मिलेगा। ये अकेले चिरानी का काम नहीं है। इसमें प्रभावशाली लोग भी शामिल हैं। सीबीआई बताए कि मेरी गुड़िया का एक जुराब और बालों के दो क्लिप कहां हैं? इन्हें ढूंढ निकालते तो यही कातिल तक पहुंचाते। गुड़िया की लाश के पास केवल एक जुराब थी।

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उसके सिर में केवल दो क्लिप थे, जबकि उसने घर से निकलने के बाद चार लगाए थे। गुड़िया के पिता ने यह बात शुक्रवार को शिमला के रिज मैदान पर कही। वह गुड़िया कांड की बरसी पर ‘गुड़िया अनसुनी चीख...’ पुस्तक का लोकार्पण करने शिमला पहुंचे। बहुचर्चित गुड़िया कांड को बेशक सीबीआई ने सुलझा लेने का दावा कर लिया हो, मगर गुड़िया के पिता कहते हैं कि उनका तो सीबीआई ने भी कई सवालों के जवाब न देकर भरोसा तोड़ा दिया है।

अब उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही इंसाफ दिला सकते हैं। गुड़िया के पिता ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हो सकता है कि जिस चार फुट के नीलू को पकड़कर सीबीआई ने मामला सुलझा लेने का दावा किया है, वह भी मुजरिम हो, मगर वह अकेला मुजरिम नहीं हो सकता। मामले में प्रभावशाली लोग हैं। सीबीआई बताए कि जिनके फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, वे क्यों हुए।
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सीबीआई कहती है कि उसका चार जुलाई को ही दुराचार के बाद नीलू ने कत्ल किया, मगर उनका सवाल है कि जंगली-जानवरों से भरे दांदी जंगल में दो दिन तक उसकी लाश कैसे सुरक्षित रही? लाश में तो ब्लड तक नहीं था। एक टांग टूटी हुई नजर आ रही थी। कपड़े किनारे में ऐसे रखे गए थे कि लाश वहां फेंकने के बाद रखे हों।

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मालूम हो जाता तो खून का बदला हम भी खून से लेते

पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी
गुड़िया के पिता ने भावुक होकर कहा - अगर उन्हें सीबीआई जांच के बीच या इससे पहले ये मालूम हो जाता कि किसने ये सब किया है तो वह गुड़िया के खून का बदला खून से लेते, मगर ऐसा नहीं हो पाया। 

सीबीआई जांच पर संदेह नहीं, सारी बातें खुलनी चाहिए- पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी ने कहा कि गुड़िया मामले का सारा घटनाक्रम जिस तरह से हुआ। उससे गुड़िया के पिता या जनता का असंतोष वाजिब लगता है।

सीबीआई जांच पर भी संदेह नहीं किया जाना चाहिए। अगर डीएनए मिला है तो ये वैज्ञानिक सबूत है। ये जरूर है कि जिस तरह का माहौल हिमाचल में बना। उससे जो सवाल उठे, उससे संबंधित सारी बातें खुलनी चाहिए जो नहीं खुल पाई हैं। 
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