सीबीआई टीम के एसपी एसएस गुरुम, डीएसपी सीमा पाहूजा, एएसपी आरके सेठी
गुड़िया मर्डर मिस्ट्री में सीबीआई फिलहाल खाली हाथ दिख रही है। सीबीआई की विशेष जांच टीम न तो पुलिस जांच को पूरी तरह से ठीक ठहरा रही है और न खुद ही अपराधियों को पकड़ पा रही है। सीबीआई के हाथ में सचमुच कुछ आ गया होता तो जांच एजेंसी को हिमाचल हाईकोर्ट से छानबीन को तीन महीने का वक्त नहीं मांगना पड़ता।
दुराचार के बाद गुड़िया के कत्ल को करीब एक महीना होने वाला है लेकिन, इस केस की गुत्थी उलझी पड़ी है। पब्लिक के धरनों-प्रदर्शनों से दबाव में आई हिमाचल पुलिस ने इस मामले को चंद ही दिनों में सुलझाने का दावा कर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
दूसरी तरफ छानबीन में करीब दो हफ्ते लगाने के बाद सीबीआई कह रही है कि इस मामले को पुलिस जांच के बाद ऐसी स्टेज पर उसे सौंपा गया है, जब यह बहुत क्रिटिकल हो चुका है। इस स्थिति में दुराचारियों और कातिलों को पकड़ने के लिए तीन महीने का वक्त चाहिए।
सीबीआई को अभी तक नई दिल्ली से फोरेंसिक रिपोर्ट भी नहीं मिली है। सीबीआई के वकील अंशुल बंसल ने भी कहा कि उन्होंने यही बात हाईकोर्ट को भी बताई है। ऐसे में सीबीआई को मौका दिए जाने की जरूरत है।