स्पीति की लांगचा पंचायत के तहत 4587 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कौमिक गांव में अब 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग का टीकाकरण होना शेष है। काजा खंड की कुल 13 पंचायतों में से 10 पंचायतें इंटरनेट से जुड़ी नहीं हैं।
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के काजा उपमंडल के साथ-साथ विश्व के सबसे ऊंचे कौमिक गांव में 45 साल से ऊपर के 100 फीसदी लोगों को कोरोना से बचाव के लिए टीका लगाया गया। स्पीति घाटी में साठ वर्ष से अधिक आयु वर्ग के वरिष्ठ नागरिकों को पहली और दूसरी दोनों डोज दी जा चुकी हैं। 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के नागरिकों को अभी पहली डोज ही दी गई है।
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वहीं 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग वालों को पहली डोज लगाए जाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। स्पीति की लांगचा पंचायत के तहत 4587 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कौमिक गांव में अब 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग का टीकाकरण होना शेष है। काजा खंड की कुल 13 पंचायतों में से 10 पंचायतें इंटरनेट से जुड़ी नहीं हैं। फिर भी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लक्ष्य को हासिल किया है। गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम में कुलवंत सिंह और आशा वर्कर पदमा ने वैक्सीनेशन दी।
एडीएम ज्ञान सागर नेगी ने बताया कि स्पीति बर्फबारी के कारण कई महीनों तक अन्य हिस्सों से कटा रहता है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के पास वैक्सीनेशन को लेकर बड़ी चुनौतियां थीं। स्पीति में 18 जनवरी को जब अभियान शुरू किया गया तो प्रशासन ने गांव-गांव जाकर लोगों को वैक्सीन के प्रति जागरूक किया। जल्द ही 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग को वैक्सीन की पहली डोज लगाई जाएगी। खंड चिकित्सा अधिकारी काजा डॉ. तेंजिन नोरबू ने कहा कि 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के सभी वरिष्ठ नागरिकों को पहली और दूसरी डोज लग चुकी है। अभी 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग को पहली वैक्सीन का शेड्यूल अभी तय नहीं हुआ है।