इस साल सर्दियों के मौसम में घाटी में बर्फबारी अधिक हुई है। इसके चलते कोकसर के समीप जकशांग नाला में हिमखंड गिरने से सड़क पर 200 फीट के दायरे में 10 से 20 फीट मोटी बर्फ पाई गई। सड़क के बहाल होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
बर्फ से ढके लाहौल के गांव अब धीरे-धीरे बहाल होते जा रहे हैं। सोमवार को चार माह बाद लाहौल घाटी की चंद्राघाटी का गांव कोकसर जिला मुख्यालय केलांग के साथ देश-दुनिया से जुड़ गया है। लोक निर्माण विभाग सिस्सू ने लगभग दो सप्ताह की कड़ी मशक्कत के बाद सोमवार को दो किलोमीटर लंबी डिंफुक से कोकसर गांव को जोड़ने वाली सड़क से बर्फ हटाकर यातायात बहाल कर दिया है।
विज्ञापन
ग्रामीणों को हिमखंड पर पैदल सफर करने से निजात मिल गई है। वहीं अब पर्यटक भी यहां बने दस होमस्टे में ठहर सकेंगे, साथ ही बर्फ से लकदक रोहतांग दर्रे की सुंदरता को निहार पाएंगे। ग्रामीणों की मानें तो गत वर्ष की अपेक्षा इस साल दो सप्ताह देरी से मार्ग बहाल हुआ है। इस साल सर्दियों के मौसम में घाटी में बर्फबारी अधिक हुई है।
इसके चलते कोकसर के समीप जकशांग नाला में हिमखंड गिरने से सड़क पर 200 फीट के दायरे में 10 से 20 फीट मोटी बर्फ पाई गई। सड़क के बहाल होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। लोनिवि के वरिष्ठ अधिशाषी अभियंता बीसी नेगी ने बताया कि कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद सड़क बहाल कर दी है। विभाग को कोकसर के समीप 10 से 20 फीट ऊंची बर्फ की दीवार काटनी पड़ी।