हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले की ग्राम पंचायत मंझेड के गांव थापना में चल रहे कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन कार्य में फिर कंपनी की लापरवाही सामने आई है। कंपनी की ओर से बुधवार देर शाम भारी ब्लास्टिंग की गई। जिसकी न तो ग्रामीणों को कोई सूचना दी गई न ही प्रशासन और लोक निर्माण विभाग को बताया गया। ब्लास्टिंग के दौरान निजी घासनियों में लोग और उनके बच्चे काम कर रहे थे। ब्लास्टिंग से पत्थर उड़कर दूर-दूर तक गए और कुछ पत्थर तो लोगों के घरों के आंगन और छत पर जाकर गिरे। कंपनी की इस लापरवाही के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने निर्माण कार्य रुकवा दिया है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन को सूचित किया गया। मौके पर पुलिस थाना स्वारघाट की पुलिस टीम, नायब तहसीलदार स्वारघाट जगदीश शर्मा, एसडीओ पीडब्ल्यूडी अच्छर सिंह चौहान पहुंचे। फोरलेन कंपनी के अधिकारियों और ग्रामीणों को पुलिस थाना स्वारघाट में बुलाया गया।
कुटैहला-मंझेड़ पंचायत के बीडीसी सदस्य रंगी राम ठाकुर ने बताया कि पिछली बार जब नवंबर माह में कंपनी की ओर से भारी ब्लास्टिंग की गई थी तो उस समय थापना और आसपास के गांवों में ग्रामीणों के घरों में दरारें आ गई थी। जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने कंपनी को हल्की ब्लास्टिंग करने और ब्लास्टिंग से पहले ग्रामीणों को सायरन या किसी अन्य माध्यम से सूचित करने बारे कहा था, लेकिन कंपनी नियमों की अवहेलना कर भारी ब्लास्टिंग कर रही है। नायब तहसीलदार स्वारघाट जगदीश शर्मा ने कहा कि प्रशासन ने लोगों से बात कर ली है। कंपनी को निर्देश हैं कि वह नियमों का पालन कर ब्लास्टिंग करें। ग्रामीणों को हो रहे नुकसान की रिपोर्ट तैयार होगी। एसडीएम राज कुमार ठाकुर ने बताया कि कंपनी के अधिकारियों और स्थानीय ग्रामीणों को बैठक के लिए बुलाया गया है।