मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बताया है कि किन्नौर के निगुलसरी में अब मशीन लगाकर अभियान चलाया जाएगा। गुरुवार शाम को निगुलसरी से लौट कर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधानसभा सदन में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 16 गुमशुदा लोगों की तलाश करने तक सर्च अभियान जारी रहेगा। मुख्यमंत्री के साथ परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह, राज्य आपदा प्रबंधन के उपाध्यक्ष रणधीर शर्मा और मुख्य सचिव रामसुभग सिंह के साथ घटनास्थल का दौरा किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बुधवार को घटना की जानकारी मिलते ही वहां जाने की योजना थी लेकिन खराब मौसम के चलते नहीं जा सके। गुरुवार सुबह उन्होंने मौके का दौरा किया। अभी भी मौके पर लगातार पहाड़ से पत्थर और मिट्टी गिर रही है। इससे सर्च अभियान प्रभावित हो रहा है। एनडीआरएफ, आईटीबीपी और पुलिस की टीमें मौके पर जुटी हुई हैं। 14 शव मिल चुके हैं। 13 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। इनमें पांच लोगों को भावानगर अस्पताल में भेजा गया। तीन लोगों को छुट्टी मिल गई है। दो लोगों को शिमला और सुजानपुर अस्पताल रेफर किया गया है। उन्होंने बताया कि 16 गुमशुदा लोगों की तलाश का कार्य जारी है। इन लोगों को तलाशने तक सर्च अभियान जारी रहेगा। सभी लापता लोगों के परिवारों के सदस्यों के रहने तथा भोजन की व्यवस्था प्रदेश सरकार की ओर से की जाएगी।
किन्नौर जिले के निगुलसरी में बुधवार दोपहर को हुए हादसे की सूचना मिलते ही घायलों की मदद के लिए रक्तदान सेवा परिवार सोसायटी के सदस्य खनेरी अस्पताल पहुंचे। इस दौरान घायलों के लिए करीब 27 लोगों ने रक्तदान किया। सोसायटी अध्यक्ष ज्योति लाल सानी ने कहा कि अस्पताल के हादसे में घायलों को रक्त की कमी से न जूझना पड़े, ऐसे में सदस्यों ने अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया।
देर शाम तक अस्पताल में 27 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। उन्होंने कहा कि रक्तदाता न केवल शहर के आसपास से अस्पताल पहुंचे, बल्कि दूर-दूर से भी कई अन्य लोगों ने रक्तादान कर पुण्य कमाया। रक्तदान करने में महिलाएं भी पीछे नहीं रहीं। अस्पताल पहुंचे रक्तदाताओं का आभार प्रकट किया गया। इस मौके पर जितेंद्र, अतुल कश्यप, सुशील, प्रताप, नितिश भारती, ललित ठाकुर, यशवंत शर्मा, सोनू ठाकुर, सविता नेगी, अंशुल, अंकित बंसल, प्रदीप नेगी, अखिल और अंजलि सहित कई अन्य मौजूद रहे।