जनजातीय जिला किन्नौर के बटसेरी में बीते दिनों गुंसा पहाड़ी से भूस्खलन की जांच के लिए बुधवार को भू वैज्ञानिकों का दल पहुंचा। करीब ढाई घंटे तक इस दल ने पहाड़ी का जायजा लिया, लेकिन खराब मौसम के चलते टीम को लौटना पड़ा। वीरवार सुबह सात बजे यह दल फिर भूस्खलन की वजह तलाश करने के लिए अभियान चलाएगा।
बुधवार को भारतीय भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण केंद्र चंडीगढ़ की टीम दोपहर 12 बजे सांगला वैली के प्रभावित क्षेत्र बटसेरी पहुंची। इसके बाद भूस्खलन वाली पहाड़ी की विपरीत दिशा में पहुंची और करीब ढाई घंटे तथ्य जुटाए। सर्वेक्षण केंद्र के उप महानिदेशक जीएस तिवारी के नेतृत्व में निदेशक मनोज कुमार, अधीक्षक भू वैज्ञानिक प्रशांत इलामकर पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन का पता लगाएंगे। निदेशक मनोज कुमार ने बताया कि विभिन्न पहलुओं से जांच की जाएगी। इसके लिए ड्रोन की मदद भी ली जाएगी।
दस सदस्यीय टीम में भू सर्वेक्षण केंद्र के अधिकारियों सहित राजस्व विभाग सांगला, ग्राम पंचायत, रक्षम प्रधान सुशील नेगी और सांगला पुलिस के सदस्य शामिल हैं। टीम में पटवारी सांगला दीपकमल नेगी, एसडीओ लोनिवि राकेश नेगी, प्रधान बटसेरी प्रदीप नेगी, प्रधान रक्षम सुशील नेगी और ड्रोन विशेषज्ञ किशोरी नेगी सहित पुलिस जवान शामिल हैं।
उधर, उपायुक्त किन्नौर आबिद हुसैन सादिक ने बताया कि भारतीय भू वैज्ञानिक चंडीगढ़ की टीम बटसेरी के भू स्खलन क्षेत्र गुंसा में प्रतिकूल मौसम के बाद दोपहर तक रैकी निरीक्षण करती रही। मौसम खराब होने के चलते टीम को वापस आना पड़ा। वीरवार से फिर जांच की जाएगी।
चौथे दिन भी सांगला-छितकुल मार्ग रहा बंद
बटसेरी में बीते दिनों हुए हादसे के बाद सांगला-छितकुल मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। बुधवार को चौथे दिन भी यातायात के लिए मार्ग बाधित रहा। मंगलवार को ढाई घंटे तक यहां फंसे पर्यटकों को बाहर निकालने के लिए मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बहाल की गई थी, लेकिन इसके बाद से लोगों सहित वाहनों के चलने पर रोक लगा दी गई है। आपात सेवा में ही लोगों को आवाजाही की मंजूरी दी जा रही है।