1971 युद्ध के भारतीय सेना के हीरो रहे मेजर जनरल इयान कार्डोजो ने अपनी किताब पर चर्चा करते हुए हमारे सैनिकों की वीरता और युद्ध के परिणामों के बारे में बताया। भारतीय सामाजिक और महिला अधिकार कार्यकर्ता, लेखिका व भारत के योजना आयोग की पूर्व सदस्य सैयदा सैय्यदैन हमीद ने अपनी किताब लाइफ ऑफ से सोल में महिलाओं को मजबूत बनाने पर चर्चा की। साथ ही 90 के दशक में पेप्सी जैसी कंपनियों के विज्ञापन के निर्देशक प्रहलाद कक्कड़, जकारिया मेहता, तसनीम समेत कई साहित्यकारों ने अपने-अपने विषयों पर चर्चा की।
शनिवार को करेंगे चर्चा
शनिवार को दूसरे दिन पहले सत्र में वन्यप्राणी और प्रकृति संरक्षक लेखक एमके रनजीत सिंह, लेखक और पॉडकास्टर अमित वर्मा, लेखिका अरुंधति सुब्रमण्यम, राजनीतिज्ञ कांति वाजपेयी, फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली, एक लेखक, पॉडकास्टर और कमेंटेटर सर्बप्रीत सिंह, भारतीय उद्यमी और शिक्षाविद् विक्रमजीत सिंह साहनी समेत कई साहित्यकार, लेखक और राजनीतिज्ञ अपनी किताबों पर चर्चा करेंगे।
2012 में शुरू हुआ है लिटफेस्ट
खुशवंत सिंह के साहित्य के क्षेत्र में दिए गए योगदान और कसौली के प्रति लगाव को देखते हुए उनके बेटे राहुल सिंह ने 2012 में लिटफेस्ट शुरू किया था। खुशवंत सिंह का कसौली के अपर मॉल रोड पर राज विला नाम से आज भी बंगला है, जिसमें वह अकसर आते थे। ट्रेन टू पाकिस्तान पुस्तक के कई हिस्से भी उन्होंने राज विला में ही लिखे थे।