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खुशवंत सिंह लिटफेस्ट: भारत और पाकिस्तान का बेशक हो चुका है बंटवारा, दिल फिर भी एक

Sun, 16 Oct 2022 09:27 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन

सार

अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक पुरस्कार से सम्मानित गीतांजलि श्री ने कहा कि प्यार और रिलेशन ही सभी को आगे बढ़ाते हैं। मकरंद परांजपे और गीतांजलि श्री ने रेत समाधि विषय पर मंथन किया।
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खुशवंत सिंह लिटफेस्ट। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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खुशवंत सिंह लिटफेस्ट के अंतिम दिन भारत और पाकिस्तान के मुद्दे पर चर्चा हुई। एडवांस्ड स्टडी शिमला के पूर्व निदेशक एवं जेएनयू के प्रोफेसर मकरंद परांजपे ने कहा कि भारत और पाकिस्तान का बेशक बंटवारा हो चुका है, लेकिन दोनों देशों के लोगों का दिल एक ही है। लोगों के प्यार के लिए लोगों को ही कदम उठाना चाहिए। मुस्लिम महिला और हिंदू के प्यार को गलत ठहराया जाने के विषय पर भी चर्चा की। बंटवारे के बाद दो देशों के बॉर्डर ही अलग हुए हैं। मुस्लिम महिला हिंदू पुरुष से प्यार कर सकती है। सबकी अपनी-अपनी भावनाएं होती हैं। प्यार करना कोई गलत नहीं है।

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अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक पुरस्कार से सम्मानित गीतांजलि श्री ने कहा कि प्यार और रिलेशन ही सभी को आगे बढ़ाते हैं। मकरंद परांजपे और गीतांजलि श्री ने रेत समाधि विषय पर मंथन किया। गीतांजलि ने हिंदी में लिखी पुस्तकों पर भी चर्चा की। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि हिंदी में साहित्य लिखना पसंद है। भले ही वर्तमान युग में अंग्रेजी विषय का अधिक बोलबाला है, लेकिन हमें अपनी बात कहने के लिए हिंदी विषय आसान होता है। जब तक अंग्रेजी विषय पर साहित्य लिखने में आत्मविश्वास नहीं होगा, वह नहीं लिखेंगी। हालांकि, उन्होंने जल्द अंग्रेजी में साहित्य लिखने की बात कही। कहा कि एक किताब लिखने के लिए आठ से नौ वर्ष लगते हैं।

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फिर मिलने का वादा कर लौटीं हस्तियां
11वां खुशवंत सिंह लिटफेस्ट फिर मिलने के वादे के साथ समाप्त हो गया। अंतिम दिन के सत्र में सात विषयों पर चर्चा की गई। देर शाम आर्मी बैंड ने जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया समेत अन्य धुनों से खुशवंत सिंह लिटफेस्ट में आईं नामी हस्तियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंतिम दिन के सत्र में वर्ड फॉर बर्ड्स विषय पर मंथन किया गया। इस दौरान मुजफ्फर अली, पार्वती शर्मा, दिव्या दत्ता, अनूप सोनी और गीतांजलि श्री मुख्य वक्ता रहे।

रविवार को सत्र की शुरुआत मुजफ्फर अली और नैनिका दत्ता ने जिक्र.. इन द लाइट एंड शेड ऑफ टाइम, पार्वती शर्मा और अनिरुद्ध ने अकबर ऑफ हिंदुस्तान, तारा गांधी और विक्रम ग्रेवाल ने वर्ड फॉर बर्ड्स, किरण, चेतना कोर और प्रज्ञ तिवारी ने द मैजिक ऑफ न्यू बुक्स पर चर्चा की। दिव्या दत्ता और अनूप सोनी ने द स्टार्स इन माय स्काई माय फिल्म जर्नी, बच्ची और शाजिया इल्मी ने डेयर टू चेंज, अनुपम शर्मा और माधुर संघ ने आर्मी इकोलॉजी व गीतांजलि श्री और मक्रंद धनंजय ने रेत समाधि विषय पर मंथन किया।

वर्ड फॉर बर्ड्स विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि आज रूढ़िवादी तरीके को बदलने पर चर्चा की। इस दौरान वक्ताओं ने मंथन किया कि समाज में कई ऐसी विचारधारा है, जो आज भी लोगों को परेशान कर रही है। इन विचारधाओं से लोग हट नहीं पा रहे हैं, लेकिन हमें कुछ विचारधारा को बदलना होगा। इससे लोगों में आपस में प्रेम और भाईचारा बढ़ सके।

मशीनी प्रयोग से वातावरण पर संकट
11वां खुशवंत सिंह लिटफेस्ट क्लाइमेट चेंज विषय पर आधारित था। इस विषय पर अभिताभ घोष ने मंथन किया और वातावरण में हो रहे लगातार बदलाव को रोकने के लिए लोगों से आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लोग वातावरण का मशीनी प्रयोग कर रहे हैं और अगर इस तरह चलता रहा तो आगामी दिनों में वातावरण को बचाना मुश्किल हो जाएगा।
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लिटफेस्ट में इस बार पाकिस्तान से कोई वक्ता नहीं पहुंचा। जिसे लेकर लिटफेस्ट के निदेशक राहुल सिंह ने भारत और पाकिस्तान सरकारों को आपस में बात कर मसले को सुलझाने का आग्रह किया, जिससे लोगों का आना-जाना शुरू हो सके और लोगों का व्यक्तिगत संबंध बढ़ सके।

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