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अब खेतों में उगेगी औषधीय गुणों वाली गुच्छी, प्रयोग सफल

Thu, 19 Dec 2019 11:58 AM IST
Krishan Singh ललित कश्यप, अमर उजाला, सोलन
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- फोटो : gucchi
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खुंब अनुसंधान निदेशालय चंबाघाट ने गुच्छी तैयार करने के प्रथम चरण में सफलता पाई है। निदेशालय ने यह गुच्छी लैब में तैयार की है। हालांकि, अभी तैयार की गई गुच्छी का आकार प्राकृतिक गुच्छी से बहुत छोटा है। अब उक्त मशरूम को और बेहतरीन बनाने पर काम किया जा रहा है।

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इसे आउटडोर में उगाने का भी प्रशिक्षण किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार भारत पहला देश है, जिसे इंडोर गुच्छी उगाने में सफलता मिली है। निदेशालय ने करीब एक वर्ष पूर्व गुच्छी पर अनुसंधान शुरू किया था।

निदेशालय ने इंडोर गुच्छी के उत्पादन में सफलता मिली थी। हालांकि, व्यापक स्तर पर अभी गुच्छी का उत्पादन नहीं किया गया है। इसके लिए अनुसंधान चल रहा है। गुच्छी के अपने सीजन समय में प्राकृतिक रूप से तैयार होने की पूरी संभावना है।
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औषधीय गुणों से भरपूर गुच्छी के नियमित उपयोग से दिल की बीमारियां नहीं होती हैं। दिल के मरीज अगर इसका उपयोग करते हैं उन्हें भी अधिक फायदा होता है। इसमें विटामिन बी और डी के अलावा सी और के प्रचुर मात्रा में होता है। जो स्वास्थ्य के लिए उपयोगी होते हैं।

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चुनौतीपूर्ण रहा प्रशिक्षण

वैज्ञानिक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि इंडोर गुच्छी को उगाने का प्रशिक्षण चुनौतीपूर्ण रहा है। इंडोर में एक सेंटीमीटर की गुच्छी तैयार की गई है। गुच्छी का बीज निदेशालय ने तैयार कर लिया है। इसे बेहतरीन और प्राकृतिक तौर पर से उगाने पर कार्य किया जा रहा है। गुच्छी प्राकृतिक तौर पर अप्रैल से जून तक वर्षा ऋतु में जंगलों सहित ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में तैयार होती है। 

प्राकृतिक तरीके से तैयार करने का चल रहा प्रशिक्षण
खुंब अनुसंधान निदेशालय चंबाघाट के निदेशक डॉ. वीपी शर्मा ने बताया कि निदेशालय गुच्छी का बीच तैयार करने में सफल रहा है। पहले गुच्छी को इंडोर तैयार किया गया था, लेकिन अब इसे और बेहतरीन बनाने के लिए प्राकृतिक तरीके से तैयार करने पर आउटडोर प्रशिक्षण चल रहा है। अप्रैल तक इसका भी सफल प्रशिक्षण होने की उम्मीद है।
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