विजिलेंस सूत्रों की मानें तो अब तक की जांच में जितने भी बैड लोन या डिफाल्ट लोन सामने आए हैं, उनमें बैंक अधिकारियों की बड़ी चूक सामने आ रही है। फिलहाल सभी बड़े बैड लोन की जांच कर कारणों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
साथ ही इसमें किन-किन धाराओं के तहत मामला बनता दिख रहा है, इस पर भी विजिलेंस ध्यान दे रही है। सूत्रों का कहना है कि मामले में जल्द विजिलेंस सरकार से एफआईआर दर्ज करने की अनुमति मांगेगी।
चूंकि, सहकारिता विभाग पहले ही विजिलेंस को लिखित में एफआईआर की मंजूरी दे चुका है, ऐसे में प्रारंभिक जांच में ऐसे खुलासे होने से साफ है कि तत्कालीन बैंक प्रबंधन और अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ना तय हैं।