पहाड़ी क्षेत्रों में गुच्छी कई लोगों की आजीविका का मुख्य साधन है। हालांकि इसे ढूंढना आसान नहीं। पहाड़ों में बिजली की गड़गड़ाहट के बाद यह जमीन से प्राकृतिक तौर पर बाहर निकलती है। गुच्छी का कारोबार रोहड़ू, रामपुर, चंबा और कुल्लू में ज्यादा होता है।
लवी मेला मैदान में किन्नौरी मार्केट में दुकान सजाए पोवारी निवासी मालगिरी नेगी, रंजीत नेगी, यशवंती और संजीव ने बताया कि गुच्छी गुणकारी सब्जी है। इसलिए इसके दाम भी अधिक रहते हैं। दाम अधिक होने से लोग कम मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं।
गुच्छी को सबसे महंगी सब्जी का दर्जा है। कुछ साल पहले तो इसके दाम 25 से 30 हजार रुपये किलो तक पहुंच चुके थे। देश में ही नहीं, विदेशों में भी इसकी खूब डिमांड रहती है। अमेरिका, यूरोप, फ्रांस, इटली और स्विट्जरलैंड के लोग इसे पसंद करते हैं।