डिजिटल तकनीक और सोशल मीडिया विषय पर विद्यार्थियों ने रखी अपनी राय
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सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभाव से बचाने के लिए किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। जेसीबी पब्लिक स्कूल न्यू शिमला में शुक्रवार को अमर उजाला की ओर से डिजिटल तकनीक और सोशल मीडिया विषय पर अंतर विद्यालय वाद-विवाद स्पर्धा का आयोजन किया गया।
जेसीबी पब्लिक स्कूल खलीनी, शिमला पब्लिक स्कूल खलीनी और जेसीबी पब्लिक स्कूल न्यू शिमला के छह विद्यार्थियों ने इस स्पर्धा में भाग लिया। सकारात्मक वर्ग से जेसीबी न्यू शिमला की छात्रा कशिश और नकारात्मक से जेसीबी खलीनी की छात्रा दीपांशी ने दमदार तरीके से अपनी बात रखकर पहला स्थान हासिल किया। इसके अलावा जेसीबी न्यू शिमला से नियति, एसपीएस खलीनी से तृषा वर्मा, जेसीबी खलीनी से नित्य कौशल, एसपीएस खलीनी से राधिका ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। एसएचओ न्यू शिमला मनोज ठाकुर और जुन्गा अस्पताल के इंचार्ज और नेशनल अवार्डी (कोविड में सराहनीय कार्य करने पर प्रधानमंत्री से सम्मानित) डाॅ. मनोज वर्मा ने कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत कर निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई। उन्होंने विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। डॉ. मनोज वर्मा ने विद्यार्थियों को नशा न करने को लेकर प्रेरित किया। प्रधानाचार्य रेखा बाली और प्रबंधक अमन बाली ने अमर उजाला का आभार जताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में ज्वलंत मुद्दों को लेकर वाद-विवाद करवाना सराहनीय कार्य है। इससे विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ता है और जागरूकता पैदा होती है। अमर उजाला की ओर से अंतर विद्यालय वाद-विवाद स्पर्धा 25 सितंबर को जेसीबी पब्लिक स्कूल खलीनी, 26 सितंबर को जेसीबी पब्लिक स्कूल न्यू शिमला और 27 सितंबर को शिमला पब्लिक स्कूल खलीनी में करवाई गई। इसमें 150 विद्यार्थियाें ने हिस्सा लिया था। इनमें चयनित छह विद्यार्थियों का फाइनल मुकाबला जेसीबी स्कूल न्यू शिमला में हुआ। ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा स्नेहा ने मंच का संचालन किया। शिमला पब्लिक स्कूल खलीनी से अमिता भारद्वाज, जेसीबी खलीनी स्कूल से रजनी, जेसीबी पब्लिक स्कूल न्यू शिमला से शशिभूषण, भावना तोमर, पूजा, हिमना जोशी और आशा मौजूद रहे।
इन मुद्दों पर हुआ वाद-विवाद :- सोशल मीडिया वरदान की जगह अभिशाप
सकारात्मक : इंटरनेट से वीडियो कॉल कर दूरदराज में रिश्ते कायम रखे जा सकते हैं
नकारात्मक : माता-पिता से दूर कर रहा इंटरनेट, वीडियो कॉल में भावनाएं नहीं बांटी जा सकती
सकारात्मक : शिक्षा का उपयुक्त साधन, ऑनलाईन कर सकते हैं पढ़ाई
नकारात्मक : घंटों इंस्टाग्राम पर देखी जा रही है रील्स, युवाओं की मानसिकता पर पड़ रहा है नकारात्मक प्रभाव
सकारात्मक : रोजगार का साधन, वीडियो बना कर कमाए जा रहे पैसे
नकारात्मक : यू-ट्यूब और इंस्टाग्राम अगर बंद हो जाए तो कौन देगा पेंशन
सोशल मीडिया से नशे को मिल रहा बढ़ावा
एसएचओ न्यू शिमला मनोज ठाकुर ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिये नशे को भी बढ़ावा मिल रहा है। युवाओं को नशे की लत लगाने का यह एक साधन बन गया है। सर्च इंजन से नशे की जानकारी आसानी से मिल रही है। उन्होंने कहा कि इससे हिंसा, क्राइम को भी बढ़ावा मिल रहा है। युवा देश को आगे ले जाने की जगह इंस्टाग्राम और यू-ट्यूब पर वीडियो बनाने में अपना समय बर्बाद कर रहे हैैं। शिक्षा प्राप्त करने का यह उचित साधन भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए प्रेरित किया।