हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की दो महिलाओं को आज भी आस है कि उनके पति लौट आएंगे। वे हर साल उनकी सलामती और वापसी को करवाचौथ का व्रत रखती हैं। भवारना की सुजाता ने दो साल पहले गुम हुए अपने पति तो डरोह की सोनिया ने 14 साल से लापता पति की लंबी आयु के लिए करवाचौथ का व्रत रखा। भवारना की सुजाता को पता नहीं है कि उसका पति कहां और किस हाल में है। उसका पति युगल किशोर भवारना में कपड़े की दुकान करता था।
वह 23 फरवरी 2013 से लापता है। वह घर से अंबाला कपड़ा लाने गया था और आज तक लौट कर नहीं आया। परिजनों ने हिमाचल से लेकर अंबाला तक युगल की तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया है। पुत्र वियोग बुजुर्ग पिता मोहन लाल से सहा नहीं गया और चार माह बाद ही प्राण त्याग दिए। युगल की पत्नी और बच्चों को भी पिता के गुम होने का गम सता रहा है।
पति पिछले 14 साल से लापता
उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भवारना थाने में दर्ज है। इससे भी ज्यादा दर्दनाक कहानी डरोह के गांव डूहकी की सोनिया की है। उसका पति पिछले 14 साल से लापता है। वह अभी अपने सुहाग की लंबी उम्र के लिए करवाचौथ का व्रत रखती है। उसे विश्वास है कि एक न एक दिन उसका पति ओम प्रकाश जरूर लौट कर आएगा। ओम प्रकाश पीटीसी डरोह में कपड़े और मनियारी की दुकान करता था। वह अकसर दुकान का सामान लाने के लिए डरोह से अमृतसर जाया करता था।
4 मई 2001 को भी वह सामान लाने के लिए अमृतसर गया, लेकिन आज तक नहीं लौटा। उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट अमृतसर और भवारना थाने में भी दर्ज है। सोनिया के पति ओम प्रकाश के लापता होने से चार माह पहले उसके दो नन्हे बेटों के शव घर के पास बाबड़ी में मिले थे। सोनिया के दिलोदिमाग से अभी बेटों का गम भुलाया नहीं गया था और भगवान ने उसका पति भी उससे छीन लिया।
उम्मीद कि एक दिन जरूर लौट कर आएगा
14 वर्ष सोनिया ने इसी आस में काट दिए कि उसका लापता पति ओम प्रकाश एक न एक दिन जरूर लौट कर आएगा। वह आज भी पति की लंबी आयु के लिए करवाचौथ का व्रत रख रही है। पुलिस थाना भवारना की बंद फाइलें अगर खंगाली जाएं तो ऐसे दर्जनों गुमशुदगी के मामले मिल जाएंगे।
किसी मां का बेटा तो किसी पत्नी का पति लापता है। ऐसे दर्जनों परिजन आज भी भगवान के भरोसे पर ही जी रहे हैं। थाना भवारना के एसएचओ राजकुमार ने बताया कि गुम हुए लोगों की पुलिस तलाश कर रही है। दोनों मामले भवारना थाने में दर्ज हैं।