25 मई, 1999 को हुए करगिल युद्ध में हिमाचल के 52 जवानों ने जीवन का बलिदान दिया था। दो माह से भी अधिक समय तक चले करगिल युद्ध में भारतीय सेना को मिली जीत की याद में हर वर्ष 26 जुलाई को करगिल विजय दिवस मनाया जाता है।
25 मई से 26 जुलाई 1999 तक हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध में हिमाचल के 52 रणबांकुरों ने शहादत पाई थी। इसमें कांगड़ा जिले के सबसे अधिक 15 जवान शहीद हुए थे। मंडी जिले से 11, हमीरपुर के सात, बिलासपुर के सात, शिमला से चार, ऊना से दो, सोलन और सिरमौर से दो-दो जबकि चंबा और कुल्लू जिले से एक-एक जवान शहीद हुआ था।
सेवानिवृत ब्रिगेडियर खुशहाल ठाकुर ने कहा कि उन्हें 1999 का करगिल युद्ध आज भी याद है। 23 जुलाई को उनके नेतृत्व में 18 ग्रेनेडियर ने टाइगर हिल पर तिरंगा फहराया था। इस यूनिट को राष्ट्रपति ने 52 वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया है।