कारगिल हीरो एवं सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर
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कारगिल हीरो एवं सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने कहा कि अटल टनल रोहतांग गेम चेंजर बनेगी। यह टनल देश की सुरक्षा की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण साबित होगी। अब मनाली-लेह मार्ग खुला रहेगा। इससे सेना को सुविधा मिलेगी।
नगवाईं में पत्रकारों से बातचीत में खुशाल ने कहा कि 1962 में चीन से लड़ाई में सेना के साहस में कोई कमी नहीं थी। लेकिन लॉजिस्टिक बिल्ड अप की कमी के कारण हमें नुकसान हुआ। कारगिल युद्ध का मुख्य कारण भी यह था कि सर्दियों के दिनों में हमारे जवान पोस्ट छोड़कर नीचे आ जाते थे।
इसी का फायदा उठाकर पाकिस्तान ने अपने घुसपैठिये और सेना को भेज दिया। आज के दौर में किसी भी जंग को जीतने के लिए बार्डर लॉजिस्टिक बिल्ड अप का होना बहुत आवश्यक है। इसके लिए देश की सरकार पूरी तरह से जुटी हुई है। चीन के बार्डर पर सेना ने भारी मात्रा में रसद पहुंचा दी है। लेह-लददाख में फाइटर जेट तैनात कर दिए हैं। भारी मात्रा में सेना की तैनाती कर दी है। लेकिन इस सब को लॉजिस्टिक सपोर्ट देना बहुत जरूरी है। अब टनल के बनने से कई घंटों का सफर कम हो जाएगा।
मनाली-दारचा-पदम लेह मार्ग सबसे बेहतर विकल्प
ठाकुर ने कहा कि मनाली से लेह पहुंचने के लिए मनाली-दारचा-पदम लेह मार्ग सबसे बेहतर विकल्प बन गया है। सुरंग बनने से कुछ घंटों में मनाली से लेह पहुंचा जा सकता है। यह मार्ग दुश्मन की नजर में भी नहीं है। यह मार्ग एक साल में करीब 11 महीने खुला रह सकता है। इस मार्ग पर यदि शिंकुला पास पर करीब तीन किलोमीटर लंबी सुरंग बन जाए तो यह मार्ग सबसे अच्छा विकल्प होगा।