अस्पताल में मृतक बच्चे का पोस्टमार्टम करके शव परिजनों को सौंप दिया। यहां से नितिश के पार्थिव शरीर को उसके पैतृक गांव ठेहड़ लाया गया और एक बार फिर पूरा गांव मातम में डूब गया।
नितिश पठानिया वजीर राम सिंह पठानिया मेमोरियल स्कूल गुरचाल में चौथी कक्षा का छात्र था। नितिश के पिता जसविंदर पठानिया खेतीबाड़ी का काम करते हैं। दोपहर बाद नितिश का वक्तपुर के पास चक्की खड्ड में अंतिम संस्कार किया गया।
नूरपुर स्कूल बस हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों की संख्या 23 से बढ़कर अब 24 हो गई हैं जबकि कुल आंकड़ा 28 पहुंच गया है। इनमें 23 बच्चे वजीर राम सिंह पठानिया मेमोरियल पब्लिक हाई स्कूल गुरचाल के छात्र थे।
इनके अलावा बस में सवार दो स्कूल टीचरों सहित बस चालक की भी मौत हो गई थी, जबकि इस हादसे की शिकार एक अन्य पंद्रह वर्षीय बच्ची शगुन निवासी गांव कनोरा (जिला चंबा) ने दसवीं की परीक्षा दी थी। खुवाड़ा में अपनी बुआ के घर आई हुई थी।
हादसे के दिन बस में सवार अपनी बुआ की बेटी पूनम के साथ खुवाड़ा जा रही थी। दोनों ने स्कूल बस में लिफ्ट ली थी।