कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक में वीरभद्र सरकार के दौरान साल 2017 में हुई भर्ती निरस्त करने के बाद अब मामले में चल रही विजिलेंस जांच को ठंडे बस्ते में डालने की तैयारी है। सूत्रों की मानें तो फिलहाल मामले में पिछली भर्तियों की जांच की रफ्तार को सुस्त रखने का इशारा मिलने पर विजिलेंस ने मामले में जांच लगभग ठप कर दी है। कहा जा रहा है कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले मामले में अब कोई खास कार्यवाही नहीं होगी।
वीरभद्र सरकार के दौरान विभिन्न श्रेणी के 216 पदों के लिए केसीसी बैंक ने भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। भर्ती प्रक्रिया पूरी हो गई, लेकिन रिजल्ट आने से पहले प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हो गया। इसके बाद नई जयराम सरकार ने केसीसी समेत सभी सहकारी बैंकों की भर्तियों की विजिलेंस जांच के आदेश दे दिए। इस बीच युवाओं ने सरकार पर लंबित रिजल्ट जारी करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया, लेकिन अपने ही जांच के आदेश के चलते आखिरकार सरकार ने रिजल्ट जारी न करने और भर्ती को निरस्त करने का फैसला ले लिया।