कालका-शिमला रेल लाइन पर टकसाल के समीप मूसलाधार बारिश के कारण गिरे मलबे को हटाने के लिए रेलवे बोर्ड के कमचारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। यही नहीं करीब 12 घंटे के बाद गुरुवार सुबह 6 बजकर 35 मिनट पर रेल मार्ग को ट्रेनों की आवाजाही के लिए बहाल किया जा सका।
इस दौरान कालका से शिमला की ओर जाने वाली डाउन एक्सप्रेस, 52452, 52454, 52456, 52458 समेत करीब आधा दर्जन रेलगाड़ियां प्रभावित हुई हैं। ट्रैक पर मलबा गिरने से ट्रेनों को रास्ते में ही रोकना पड़ा। जिससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।
गौरतलब है कि बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे भारी मलबा गिरने से मार्ग बंद हो गया। इस हादसे में रेल गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हो गई थी। घटना के समय शिमला से कालका जा रही डाउन मिक्स परवाणू के पास पहुंच चुकी थी।
जिसके बाद कालका का रेलवे स्टेशन नजदीक होने के कारण सभी यात्री कालका रेलवे स्टेशन के लिए चले गए। इसी के साथ कालका से शिमला जा रही हिमालयन क्वीन को रोक कर यात्रियों को सड़क तक पहुंचाकर गाड़ियों की सहायता से भेजा गया।
मलबा गिरने की सूचना मिलते ही रेलवे बोर्ड के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ट्रेक को खोलने का कार्य दो जेसीबी मशीनों ओर कर्मचारियों की सहायता से युद्ध स्तर पर शुरू किया गया।
कालका शिमला के यातायात निरीक्षक केवल प्रकाश ने बताया कि टकसाल और कालका के बीच गिरे मलबे को जेसीबी ओर कर्मचारियों की सहायता से हटाया गया। उन्होंने बताया कि 12 घंटे बाद मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही बहाल की गई है।
बताया कि मलबा गिरने से कालका-शिमला और शिमला से कालका को चलने वाली करीब आधा दर्जन ट्रेनों की आवाजाही बाधित रही। बताया कि सुबह 6 बजकर 35 मिनट पर रेल मार्ग को ट्रेनों की आवाजाही के लिए खोल दिया है।