विशेष अदालत और सत्र एवं जिला न्यायाधीश राकेश चौधरी ने नाबालिग से छेड़छाड़, जान से मारने की धमकी और धारा 11 पोक्सो एक्ट 2012 के आरोप सिद्ध होने पर दोषी को 6 महीने की कैद की सजा सुनाई है। वहीं कोर्ट ने दोषी को जुर्माना अदा करने के आदेश दिए हैं। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को 21 दिन तक अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जानकारी देते हुए जिला न्यायवादी एवं विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि 29 जनवरी 2018 को पीड़िता ने उप पुलिस अधीक्षक घुमारवीं के पास शिकायत पेश की और बताया कि वह स्कूली छात्रा है, वह सरकारी स्कूल में पढ़ती है। वह रोजाना की तरह जब 29 जनवरी 2018 को 8:30 बजे पर अपने स्कूल जा रही थी। इसी दौरान बाजार से थोड़ी दूरी पर जब वह अस्पताल के पास पहुंची तो दोषी उसके साथ अश्लील हरकतें करने लगा।
जब पीड़िता ने इसका विरोध किया तो दोषी ने उसे थप्पड़ मारे और मारपीट की। इस घटना को गवाह ने भी देखा तथा पीड़िता को दोषी के चंगुल से छुड़ाया। दोषी ने पीड़िता को धमकी दी और कहा कि वह उससे जबरदस्ती शादी कर लेगा, अगर मना की तो वे उसे स्कूल जाने नहीं देगा और जान से मार देगा।
इसके बाद मामले में 29 जनवरी 2018 को आईपीसी की धाराओं 354ए, 323, 506 व पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। इस मामले में जिला न्यायाधीश विनोद भारद्वाज ने 17 गवाह पेश किए जिनकी गवाही को कोर्ट ने सही ठहराते हुए और अभियोजन के तर्कों को सही मानते हुए दोषी को धारा 506 में 6 महीने की साधारण कैद व 2 हजार जुर्माना की सजा सुनाई। इस मामले की तफ्तीश एसआई बलवीर सिंह ने की तथा अभियोजन जिला न्यायाधीश विनोद भारद्वाज, संदीप अत्री व उप जिला न्यायवादी उमेश शर्मा ने विशेष अदालत में की।