हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने दून के विधायक राम कुमार चौधरी को मानसून सत्र की पूरी अवधि के लिए छुट्टी दे दी है। चौधरी ने स्पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल को अर्जी भेजकर छुट्टी मांगी थी।
विधानसभा में पहले दिन जब भाजपा विधायक वाकआउट कर सदन से बाहर चले गए, ठीक उसी समय स्पीकर ने सूचना दी कि विधायक राम कुमार चौधरी ने अर्जी दी है।
अर्जी में कहा गया है कि वे जेल में हैं और इस कारण सदन के मानसून सत्र में भाग लेने में असमर्थ हैं। चौधरी ने 6 अगस्त से 29 अगस्त तक सदन से छुट्टी की अनुमति मांगी है।
कांग्रेसी विधायकों ने दी मंजूरी
स्पीकर ने सदस्यों से पूछा तो सदन में मौजूद सब कांग्रेसी विधायकों ने हां कर दी। सदन में उस समय भाजपा विधायक मौजूद नहीं थे। स्पीकर ने घोषणा की कि सदन के नेता की अनुमति पहले ही मिल गई थी और अब सदन की भी अनुमति मिल गई है।
इसलिए चौधरी को इस सत्र की छुट्टी दे दी गई। उधर, सदन से वाकआउट करने के बाद विपक्ष के नेता प्रेम कुमार धूमल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि बुधवार के लिए तय एजेंडे में राम कुमार चौधरी का एजेंडा नहीं था, मगर चौधरी की छुट्टी का एजेंडा सदन में रख दिया।
यह गलत है। भाजपा इसका विरोध करती है। सदन के भीतर भी इसका विरोध करेगी। चौधरी किसी अच्छे काम के कारण तो जेल में नहीं हैं। छुट्टी तो किसी विशेष कारण में ली जाती है।
चौधरी के खिलाफ चल रहा हत्या का केस
पंजाब निवासी ज्योति हत्याकांड में राम कुमार चौधरी के खिलाफ पंचकूला अदालत में केस चल रहा है। अदालत चौधरी को अंबाला सेंट्रल जेल में 14-14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजती है।
अदालत ने चौधरी पर आरोप भी तय कर रखे हैं, मगर ट्रायल जारी है। अब तक इस केस में कई खुलासे हो चुके हैं। गवाह भी अपने बयानों से कई बार मुकर गए।
राम कुमार चौधरी की पत्नी ने ज्योति के पिता बूटी राम को पैसे देकर केस में अपनी ग्वाही बदलने को कहा था लेकिन बाद में एक सीडी के जरिए इस बात का खुलासा हो गया। चौधरी की पत्नी के खिलाफ भी अदालत में मामला चल रहा है।