थाने का घेराव करने पहुंचे लोग।
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जोगिंद्रनगर में 23 साल की ज्योति की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों ने ज्योति की मौत की जांच में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए दोपहर 12 से 4 बजे तक जमकर हंगामा किया। ज्योति को इंसाफ दिलाने के लिए सड़कों पर उतरे परिजनों सहित प्रदर्शनकारियों ने मांग उठाई कि हत्या आरोपी पति और उसके पूरे परिवार पर हत्या का केस दर्ज किया जाए। साथ ही मामले की सीबीआई जांच भी मांगी।
हराबाग से जोगिंद्रनगर तक रोष रैली निकालने के बाद थाने के घेराव की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की धक्कामुक्की भी हुई। गुस्साए युवाओं ने पुलिस थाना चौक में एक से डेढ़ घंटे तक हाईवे को जाम कर दिया। पुलिस थाने का घेराव करते हुए पुलिस से भी उलझ पड़े। इस दौरान महिला पुलिस कर्मियों से भी धक्कामुक्की हुई। हालात बिगड़ते देखकर अतिरिक्त फोर्स बुलाई गई तो पुलिस को प्रदर्शनकारियों का गुस्सा झेलना पड़ा।
सुबह 12 बजे हराबाग से शुरू हुआ धरना प्रदर्शन देर शाम चार बजे तक जोगिंद्रनगर शहर में चलता रहा। इस दौरान कुछ युवा गाड़ियों के नीचे भी लेट गए, जिन्हें हटाते हुए पुलिस से नोकझोंक हुई। इस दौरान पुलिस ने हल्का बल इस्तेमाल करते हुए कुछ प्रदर्शनकारियों को भी खदेड़ा। इस दौरान काफी देर तक यातायात भी प्रभावित रहा। लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन में कॉलेज के विद्यार्थी काफी संख्या में मौजूद रहे।
यह है मामला
महिला ज्योति बीते 8 अगस्त को जोगिंद्रनगर की भराडृ पंचायत में अपने ससुराल से पालतू कुत्ते के साथ गायब हो गई थी। दो दिन तलाश करने के बाद पति शिव कुमार ने पुलिस थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। 11 अगस्त को ज्योति के माता-पिता ने ग्रामीणों के साथ पुलिस थाने में पहुंचकर बेटी की तलाश की मांग उठाई। 13 अगस्त को कुत्ता वापस आ गया, जबकि 7 सितंबर देर शाम को जंगल में ज्योति की लाश क्षत-विक्षत हालत में मिली थी। मामले में पति को गिरफ्तार कर लिया गया।