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जंक फूड के शौकीन बच्चों के दांत हो रहे खराब

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डेंटल कॉलेज में हर रोज पहुंच रहे तीस मामलेे, छह साल तक बच्चों में अधिक दिक्कत
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डॉक्टरों का सुझाव, बच्चों के खानपान में करें बदलाव
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी शिमला में स्कूल जाने वाले बच्चों के समय से पहले दांत खराब हो रहे हैं। डेंटल कॉलेज की दंत बालरोग ओपीडी में यह मामले सामने आए हैं। डॉक्टरों ने बच्चों द्वारा टॉफी, कुरकुरे और चॉकलेट आदि के अधिक सेवन को इसकी वजह बताया है। इसके अलावा लंबे समय तक दांतों में खाद्य पदार्थ के चिपके रहने से भी यह समस्या बढ़ रही है।
डॉक्टरों का कहना है कि दांतों के सड़ने और समय से पहले गिरने के कारण आने वाले पक्के दांत टेढ़े मेढ़े आ रहे हैं। डेंटल कॉलेज के पीडियाट्रिक एवं प्रीवेंटिव डेंटिस्ट्री विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दीपक चौहान ने बताया कि पांच से छह साल के स्कूल जाने वाले बच्चों की संख्या इनमें ज्यादा है। डॉक्टर ने बताया कि इस तरह की समस्या को लेकर ओपीडी में औसतन 30 मामले सामने आ रहे है।
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दंत रोग विशेषज्ञ चिकित्सकाें का कहना है कि 12 साल तक के बच्चों में दूध के दांत अलग अलग समय पर टूटकर गिरते हैं। लेकिन जंक फूड के सेवन से यह दांत सड़ कर पहले ही गिर रहे हैं। डेंटल कॉलेज के पीडियाट्रिक एवं प्रीवेंटिव डेंटिस्ट्री विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर सचिन ने बताया कि इससे जहां पक्के दांत टेढ़े मेढ़े आते हैं वहीं खाना भी दांतों में फंसता है। इससे उपचार में खर्चा भी महंगा होगा और उपचार लंबा चलता है। बच्चों के खानपान की आदतों में बदलाव जरूरी है। बच्चों में ब्रश करने की आदत डालना जरूरी है।
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ऐेसे करें दांतों की देखभाल
डॉक्टरों का कहना है कि सुबह और रात को सोने से पहले बच्चों को ब्रश जरूर करवाए। दांतों की मजबूती के लिए विटामिन, कैल्शियम, मिनरल युक्त फल, हरी और पत्तेदार सब्जियां तथा दूध का सेवन जरूर करें। मीठे और जंक फूड से परहेज करें। इसके अलावा छह माह में एक बार डॉक्टर से दांतों का चेकअप जरूर करवाएं।
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