चेतन के लिए बोले खन्ना, खुद में दम है तो भाजपा के प्लेटफार्म और नाम का इस्तेमाल करना बंद करें
पार्टी पर धोखा देने के आरोप लगाने वाले चेतन बरागटा पर खन्ना ने जबरदस्त हमला बोला। कहा कि अगर वह इतने ही बड़े नेता हैं तो पार्टी के संसाधनों और नाम का इस्तेमाल करना बंद कर सीधे चुनाव मैदान में आएं। कहा कि पार्टी का हर कार्यकर्ता प्रत्याशी नीलम सरैइक के साथ है और उन्हें जिताने के लिए काम कर रहा है।
बता दें, जुब्बल-कोटखाई में अभी भी पार्टी के कई सोशल मीडिया प्लेटफार्मों से चेतन बरागटा का प्रचार किया जा रहा है। यह सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पार्टी के हैं, लेकिन पार्टी के पदाधिकारी ही बागी बनकर उनका पार्टी के खिलाफ उपयोग कर रहे हैं।
भाजपा प्रभारी ने सुरेश भारद्वाज के साथ की कोटखाई सीट की बूथ वाइज समीक्षा
पूर्व भाजपा नेता चेतन बरागटा के बागी होने के बाद से जुब्बल-कोटखाई में सियासी संकट का सामना कर रही भाजपा ने प्रचार के लिए नई रणनीति पर मंथन शुरू कर दिया है। शुक्रवार को भाजपा के प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने सुरेश भारद्वाज के साथ उनके आवास पर समीक्षा बैठक की। हर बूथ स्तर पर पन्ना प्रमुख से लेकर मंडल तक के पदाधिकारियों की सक्रियता को लेकर रिपोर्ट सौंपी गई।
यह भी देखा गया कि किन जगहों पर पार्टी की स्थिति कमजोर और कहां मजबूत है। सूत्रों के अनुसार बैठक में तय हुआ है कि जल्द नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी और सोमवार से प्रचार को धार दी जाएगी। इस फैसले को चुनाव प्रचार की सुस्ती को दूर करने और कार्यकर्ताओं के बीच के असमंजस को दूर करने के तौर पर देखा जा रहा है। इसके बाद उन्होंने प्रदेश चुनाव समिति की बैठक ली।
कांग्रेस नेताओं को हो गया है फौजियों का फोबिया: खन्ना
कारगिल युद्ध लड़ने वाले सेना के जवानों से भले ही मंडी से कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिभा सिंह ने माफी मांग ली हो, लेकिन भाजपा अभी भी इस मुद्दे पर सियासी सीजफायर के मूड में नहीं है। भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने शुक्रवार को रिज स्थित होटल आशियाना में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि कांग्रेस के नेताओं को फौजियों का फोबिया हो गया है। उनके सपने में भी फौजी आते हैं।
कहा कि कारगिल युद्ध में हिमाचल के 52 लोग शहीद हुए थे। प्रतिभा सिंह ने माफी तो मांगी है, पर इससे काम नहीं चलेगा और उन्हें और माफी मांगनी पड़ेगी। कहा कि कांग्रेस को ब्रिगेडियर कुशाल ठाकुर की टोपी और मेडल से परेशानी हो रही है। उनके शौर्य पर प्रश्न उठाना दर्शाता है कि कांग्रेस को फौजियों का फोबिया हो चुका है। कहा कि हमें गर्व है कि हमारे अध्यक्ष सुरेश कश्यप भी एक फौजी हैं।