केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का फिर निर्विरोध राज्यसभा जाना तय हो गया है। नड्डा के खिलाफ कांग्रेस ने प्रत्याशी नहीं उतारने का निर्णय लिया है। हिमाचल से राज्यसभा की एक सीट पर नड्डा ने 8 मार्च को नामांकन दाखिल किया था। 12 मार्च नामांकन की अंतिम तिथि है। कांग्रेस के प्रत्याशी नहीं उतारने की स्थिति में अब मतदान नहीं होगा।
नड्डा का मौजूदा कार्यकाल 2 अप्रैल को खत्म हो रहा है। कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार न खड़े करने का निर्णय लिया है। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता नरेश चौहान ने कहा कि पूर्व में आनंद शर्मा और विप्लव ठाकुर के चुनावों के समय भी तत्कालीन विपक्ष ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था। ऐसे में प्रदेश कांग्रेस का भी यह सैद्धांतिक फैसला है कि पार्टी अपना प्रत्याशी नहीं देगी।
नामांकन दाखिल न करने की स्थिति में अभी तक केवल भाजपा से नड्डा का ही नामांकन आया है, जिसकी स्क्रूटनी 13 मार्च को होगी। नड्डा ने चार सेट नामांकन के दाखिल किए हैं। 15 मार्च को नाम वापस लेने की तिथि है। इसके बाद नतीजों की घोषणा कर दी जाएगी। विधानसभा में भाजपा के 44 और कांग्रेस के 21 विधायक हैं, जिससे कांग्रेस प्रत्याशी उतारने के बावजूद नड्डा की जीत तय थी।