हिमाचल सरकार ने शहीदों के परिवारों के जख्मों पर मरहम लगाने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने हर शहीद के परिवार को 5-5 लाख रुपये देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि देश हमेशा इन जवानों के सर्वोच्च बलिदान को याद रखेगा।
मंडी में शहीदों को नमन करने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने शहादत पाने वाले इन जवानों की पत्नियों या परिजनों को शैक्षणिक योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी देने की घोषणा की।
मंडी जिले के द्रंग के चाउट गांव में शहीद प्रकाश चंद को उनके बेटे अंकित, पाली पंचायत के मसेरन में शहीद मनोज कुमार को उनके बेटे अर्णव ने और पटणू में शहीद विकास भारद्वाज की चिता को उनकी छोटी बहन शिवानी भारद्वाज ने मुखाग्नि दी।
शहीद सोहन सिंह का पांवटा साहिब के मानपुर देवड़ा गांव में उनके घर के पास खेत में अंतिम संस्कार किया गया। सोहन के परिजनों ने पार्थिव देह को श्मशानघाट ले जाने से मना कर दिया। जिस स्थान पर सोहन का अंतिम संस्कार हुआ, परिजन वहीं पर बेटे का स्मारक बनाएंगे।