अभ्यर्थियों ने बताया कि बीते दिन उन्होंने मुख्य सचिव से इस संबंध में मुलाकात की और हाईकोर्ट के फैसले से अवगत करवाया। अभ्यर्थियों से मुख्य सचिव ने कहा कि- हाईकोर्ट की जजमेंट लागू नहीं होगी, न मैं करूगां और न ही मैं होने दूंगा। क्योंकि इससे नौकरी में लगे हुए लोग और उनके परिवार प्रभावित होंगे।
कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर की जेओए आईटी भर्ती पोस्ट कोड 556 में बाहर किए अभ्यर्थियों के पक्ष में हिमाचल हाईकोर्ट का फैसला आए हुए एक सप्ताह बीत गया है। हाईकोर्ट ने जेओए आईटी भर्ती की पूरी मेरिट लिस्ट दोबारा बनाने का आदेश दिया है। लेकिन अभ्यर्थी अब भी दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। वजह है कि उन्हें सरकार के किसी नुमाइंदे से अभी तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
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शुक्रवार को अभ्यर्थियों सुशील, शशि, राजीव, भीमेंदर, पंकज जनेश ने शिमला प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर मीडिया के जरिए अपना पक्ष रखा। अभ्यर्थियों ने बताया कि बीते दिन उन्होंने मुख्य सचिव से इस संबंध में मुलाकात की और हाईकोर्ट के फैसले से अवगत करवाया। अभ्यर्थियों से मुख्य सचिव ने कहा कि- हाईकोर्ट की जजमेंट लागू नहीं होगी, न मैं करूगां और न ही मैं होने दूंगा। क्योंकि इससे नौकरी में लगे हुए लोग और उनके परिवार प्रभावित होंगे।
जेओए अभ्यर्थियों ने कहा कि इससे पहले भी जेई और पंप ऑपरेटरों की मेरिट फिर से बनाने के आदेश हुए थे और अयोग्य लोगों को नौकरी से बाहर निकाला गया। लेकिन हमारे मामले में सरकार कोई फैसला नहीं ले पा रही है। चार साल बाद हाईकोर्ट से न्याय मिलने के बाद भी प्रदेश सरकार फैसले को लागू नहीं कर रही है। जेओए अभ्यर्थियों ने गुहार लगाई है कि सरकार इस मामले में जल्द फैसला लेकर कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर को आदेश जारी करे।