अमर उजाला ने मामले को प्रमुखता से उठाया और उसके बाद पहली बार उनके रहने की जगह तक बिजली पहुंचाई गई। इसके बाद जियालाल के परिवार को बीपीएल में शामिल करने की कवायद शुरू की गई थी, जो अब सिरे चढ़ गई है।
आखिरकार जियालाल को गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) की सूची में शामिल कर दिया गया है। हालात से मजबूर हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के आनी की कुठेड़ पंचायत के राइरेड़ निवासी जियालाल पत्नी और बच्चों के साथ पेयजल टंकी में गुजर-बसर करने के लिए मजबूर थे। अमर उजाला ने मामले को प्रमुखता से उठाया और उसके बाद पहली बार उनके रहने की जगह तक बिजली पहुंचाई गई। इसके बाद जियालाल के परिवार को बीपीएल में शामिल करने की कवायद शुरू की गई थी, जो अब सिरे चढ़ गई है।
विज्ञापन
बीडीओ आनी जीसी पाठक ने बताया कि जियालाल के परिवार को बीपीएल सूची में शामिल कर दिया गया है। अब इस सूची में शामिल होने के बाद जियालाल के परिवार को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। अब सरकार और पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से जियालाल के घर का निर्माण कार्य की तैयारी भी कर ली गई है। सरकार के वित्तीय सहयोग और पंचायत प्रतिनिधियों की ओर से विभिन्न प्रकार की मदद से जियालाल का घर जल्द पूरा होने की उम्मीद है।
उल्लेखनीय है कि आनी की कुठेड़ पंचायत के राइरेड़ निवासी जियालाल का मुद्दा अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। पानी की टंकी में रहने वाले जियालाल और उनके परिवार की दयनीय हालत सामने आने पर प्रशासन ने उसकी हर संभव मदद का भरोसा दिया था, जो अब शुरू हो चुकी है।