जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी(जाइका) परियोजना हिमाचल में पूरी तरह खत्म हो गई है। वर्ष 2011 में हिमाचल में शुरू हुए जायका प्रोजेक्ट में अभी तक 266 करोड़ खर्चे गए हैं। अब सरकार को 2035 के बाद 266 करोड़ में से 10 फीसदी बजट 1.64 प्रतिशत ब्याज से साथ जापान को वापस देना होगा। 266 करोड़ में से हिमाचल लगभग 26 करोड़ लौटाएगा। 90 प्रतिशत बजट का केंद्र सरकार भुगतान करेगी।
जायका परियोजना में नौ साल में कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर, मंडी और बिलासपुर जिलों में सिंचाई और सब्जी उत्पादन पर राशि खर्च की गई है। उधर, जायका परियोजना अधिकारी डॉ. वीके शर्मा ने कहा कि सिंचाई और सब्जी उत्पादन में बेहतर कार्य शुरू किए हैं। मंडी और कांगड़ा के किसानों ने जायका परियोजना के कई प्रोजेक्ट लेकर सब्जी उत्पादन और सिंचाई योजनाओं को बढ़ाया है। अब सभी प्रोजेक्ट को किसानों को हवाले कर दिए हैं।
दूसरे चरण में बजट मिला तो पूरे प्रदेश में करेंगे लागू
सरकार ने जाइका से पहले चरण का बजट पूरा होने के बाद फिर बजट मांगा हैं। दूसरे चरण में सरकार ने केंद्र के माध्यम से परियोजना के तहत 1104 करोड़ मांगे हैं। अगर दूसरे चरण को निधिकरण के लिए प्रस्तुत किया गया है, जो प्रदेश के सभी 12 जिलों में जायका परियोजना को कार्यान्वित की जाएगी। कार्यशाला में धर्मशाला आए देश-विदेश के प्रतिनिधियों को अंतिम दिन कांगड़ा जिले में परियोजना के तहत हुए कामों को दिखाया जाएगा।