करीब 11:30 पर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई और एक-एक करके चिताओं को मुखाग्नि दी गई। सुरजीत के परिवार से उस भयानक बाढ़ से जिंदा बचे इकलौते बेटे दीपक भाटिया, सुरजीत के भाई राम स्वरूप के परिवार से बेटे नंद किशोर ने मुखाग्नि दी। वहीं, एक बड़ी चिता बनाकर भटोली निवासी अमरीक सिंह के तीनों बच्चों को एक साथ चिता पर रखा गया। उनके भतीजे प्रिंस ने अपनी चचेरी दो बहनों और छोटे भाई को मुखाग्नि दी। इस दर्दनाक हादसे से पूरी तरह टूट चुके दीपक और नंदकिशोर को परिजन ढांढस बंधाते हुए नजर आए। अंतिम संस्कार के लिए जब शवों को रविदास मंदिर से श्मशानघाट की ओर ले जाया जा रहा था तो देहलां गांव से लेकर श्मशानघाट तक सैकड़ों लोग खड़े रहे। इस अवसर पर सदर विधायक सतपाल सिंह सत्ती और पूर्व विधायक सतपाल रायजादा भी मौजूद रहे। इससे पहले बीती शाम ही चालक कुलविंदर का देहलां में अंतिम संस्कार कर दिया गया था। बाढ़ में बहे दो लोग अभी लापता हैं, जिनकी तलाश मंगलवार को भी जारी रही।