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जेजों खड्ड हादसा: विभोर साहिब श्मशानघाट में एक साथ जलीं आठ लोगों की चिताएं, हर आंख हुई नम

Tue, 13 Aug 2024 08:04 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मैहतपुर(ऊना)

सार

बाढ़ में बहे आठ लोगों का हिमाचल के सीमावर्ती क्षेत्र पंजाब के विभोर साहिब श्मशानघाट में अंतिम संस्कार किया गया। 
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विभोरसाहिब में एक साथ जलीं आठ चिताएं - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जेजों खड्ड में रविवार को बाढ़ में बहे आठ लोगों का हिमाचल के सीमावर्ती क्षेत्र पंजाब के विभोर साहिब श्मशानघाट में अंतिम संस्कार किया गया। एक चिता पर तीन भाई-बहनों का एक साथ और बाकी पांच चिताओं पर अन्य शवों का संस्कार किया गया। यह देख हर किसी का दिल पसीज गया। वहां मौजूद लोग यही कह रहे थे कि हे भगवान, यह क्या हो गया। श्मशानघाट में बनीं भट्ठियों में जगह न होने के चलते एक बड़ी चिता बनाकर भटोली निवासी अमरीक सिंह के तीनों बच्चों का एक साथ संस्कार किया गया।
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मंगलवार को लोअर देहलां गांव के वार्ड तीन निवासी सुरजीत (55), उनकी पत्नी परमजीत कौर (50), बेटे गगनदीप (19), भाई रामस्वरूप की पत्नी पलविंदर कौर, बेटे नितिन और भटोली गांव के अमरीक सिंह के बेटे हर्षित, बेटी भावना और बेटी मन्नत की जब एक साथ आठ चिताएं जलीं, तो इस मंजर को देख वहां मौजूद हर किसी की आंख नम हो गई। मंगलवार को करीब 11 बजे सबसे पहले पांच शवों को श्मशानघाट पर लाया गया। अभी उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया चल ही रही थी कि इतने में भटोली गांव से तीन बच्चों के शवों को लेकर गाड़ी पहुंच गई। यह दृश्य जिसने भी देखा, वह आंसू नहीं रोक पाया। इस बीच कुछ महिलाएं विलाप करती हुई चिताओं के समीप पहुंच गई, जो मृतकों के अंतिम बार दर्शन करना चाह रही थीं।

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करीब 11:30 पर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई और एक-एक करके चिताओं को मुखाग्नि दी गई। सुरजीत के परिवार से उस भयानक बाढ़ से जिंदा बचे इकलौते बेटे दीपक भाटिया, सुरजीत के भाई राम स्वरूप के परिवार से बेटे नंद किशोर ने मुखाग्नि दी। वहीं, एक बड़ी चिता बनाकर भटोली निवासी अमरीक सिंह के तीनों बच्चों को एक साथ चिता पर रखा गया। उनके भतीजे प्रिंस ने अपनी चचेरी दो बहनों और छोटे भाई को मुखाग्नि दी। इस दर्दनाक हादसे से पूरी तरह टूट चुके दीपक और नंदकिशोर को परिजन ढांढस बंधाते हुए नजर आए। अंतिम संस्कार के लिए जब शवों को रविदास मंदिर से श्मशानघाट की ओर ले जाया जा रहा था तो देहलां गांव से लेकर श्मशानघाट तक सैकड़ों लोग खड़े रहे। इस अवसर पर सदर विधायक सतपाल सिंह सत्ती और पूर्व विधायक सतपाल रायजादा भी मौजूद रहे। इससे पहले बीती शाम ही चालक कुलविंदर का देहलां में अंतिम संस्कार कर दिया गया था। बाढ़ में बहे दो लोग अभी लापता हैं, जिनकी तलाश मंगलवार को भी जारी रही।
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