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इन दो जिलों में होगा जापान के मशरूम का उत्पादन, मिली मंजूरी

Tue, 08 May 2018 01:36 PM IST
हरीश चंद्र, अमर उजाला, धर्मशाला
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अब हिमाचल में भी जापान के सिटाके मशरूम का उत्पादन होगा। पहले चरण में सूबे के मंडी और कांगड़ा जिलों में सिटाके मशरूम का उत्पादन किया जाएगा। दोनों जिलों का मौसम सिटाके मशरूम उत्पादन के लिए उचित माना गया है।

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पिछले छह महीने से जायका परियोजना के तहत मंडी और कांगड़ा जिलों के मौसम को लेकर शोध किया जा रहा था। इस पर अब जायका परियोजना ने हामी भर दी है। धर्मशाला में हुई कृषि विभाग की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में मंडी और कांगड़ा में सिटाके मशरूम के उत्पादन पर मुहर लगी।

अब जल्द मंडी और कांगड़ा जिलों के किसानों को सिटाके मशरूम के उत्पादन के बारे में टिप्स दिए जाएंगे।

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घर की तूड़ी-पराली में हो सकेगा उत्पादन

किसान सिटाके मशरूम का उत्पादन घर की तूड़ी और पराली में कर सकता है। सिटाके मशरूम में अच्छी गुणवत्ता की प्रोटीन, लाइसीन से भरपूर, शाकाहारी भोजन, बढ़ते बच्चों, गर्भवती एवं दूध पिलाती माताओं के लिए उत्तम, मोटापा रक्तचाप, मधुमेह, हृदयरोग व खून की कमी में लाभदायक है। 

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है मशरूम- बताया जा रहा कि सिटाके मशरूम में मेडिसिन वैल्यू है, जो काफी गुणकारी है। इसे सब्जी के रूप में ले सकते हैं। खास बात है यह शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का कार्य भी करेगा। इस रिसर्च में सिटाके मशरूम के और भी लाभ सामने आ सकते हैं। जापान के जंगलों में यह मशरूम पाया जाता है, इसलिए इसे वाइल्ड मशरूम भी कहा जाता है।
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