मणिमहेश झील में जन्माष्टमी पर हजारों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई।
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मणिमहेश झील में जन्माष्टमी पर हजारों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। छोटे स्नान (छोटा न्हौण) के साथ ही मणिमहेश यात्रा का विधिवत आगाज भी हो गया है। यह यात्रा आगामी 15 दिन राधाष्टमी तक जारी रहेगी। राधाष्टमी के दिन मुख्य स्नान (बड़ा न्हौण) के साथ इस यात्रा का समापन होगा।
बीते बुधवार को करीब चालीस हजार श्रद्धालु मणिमहेश के लिए रवाना हुए थे। वीरवार शाम तक साठ हजार श्रद्धालु झील में स्नान कर चुके थे जबकि रात तक स्नान में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा एक लाख तक पहुंचने की उम्मीद है।
मणिमहेश यात्रा के लिए एक माह से श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी लेकिन वीरवार से मणिमहेश यात्रा का आधिकारिक रूप से आगाज हुआ। बुधवार को बारिश के बावजूद भारी संख्या में लोग मणिमहेश दर्शनों के लिए रवाना हुए।
इन लोगों ने रात को डल झील के पास डेरा डाले रखा और पूरी रात शिवजी के जयकारे लगाते रहे। रात करीब सवा दस बजे जैसे ही स्नान के कृष्ण पक्ष की अष्टमी की तिथि शुरू हुई मौसम भी साफ हो गया। श्रद्धालुओं ने कैलाश पर्वत व पवित्र मणि के दर्शन किए।