सामाजिक कल्याण विभाग ने जीवित दिव्यांग युवक को मृत घोषित करके उसकी सामाजिक सुरक्षा पेंशन ही बंद कर दी। मार्च में अपनी पेंशन बंद होने के बाद दिव्यांग मौसमदीन (16) पुत्र याकूब निवासी कांडा तहसील चुराह ने जिलाधीश चंबा को मामले की जानकारी दी और पेंशन बहाल करने की मांग भी की, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
रविवार को जिले की पंचायत बैरागढ़ में आयोजित सरकार के जनमंच कार्यक्रम में जब यह मामला आया तो वहां मौजूद हर कोई विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने लगा। जनमंच कार्यक्रम में पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने तुरंत जिलाधीश चंबा, जिला कल्याण अधिकारी और डाकघर के अधीक्षक को इस मामले की जांच करने के आदेश दे दिए।
जीवित दिव्यांग मौसमदीन को विभागीय रिकॉर्ड में मृत घोषित किया जा चुका है। इसलिए उसकी सामाजिक पेंशन बंद कर दी गई। दिव्यांग की पेंशन बहाल करने के लिए चुराह के एक स्वयंसेवी ने उसकी मदद की। स्वयंसेवी ने 75 फीसदी दिव्यांग मौसमदीन को जनमंच कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष पेश किया। उसकी पूरी कहानी भी बताई। इसे कल्याण विभाग से जो सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिलती थी, वह मार्च से बंद पड़ी है। जनमंच में स्वास्थ्य मंत्री ने सारी बात जानकर इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।