मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (फाइल फोटो)
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में अब लोगों को फिजियोथैरेपिस्ट की सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार हर जिला अस्पताल में एक-एक पद जबकि मेडिकल कॉलेजों में तीन-तीन पद सृजित कर फि जियोथैरेपिस्ट के पदों को भरेगी। वृद्धाश्रमों में भी यह सुविधा दी जाएगी। हालांकि, अभी किन्नौर और लाहौल स्पीति में फिजियोथैरेपिस्ट की सेवाएं नहीं मिल सकेंगी।
मुख्यमंत्री रविवार को विश्व फि जियोथैरेपिस्ट दिवस के अवसर पर इंडियन फिजियोथैरेपिस्ट एसोसिएशन के हिमाचल चैप्टर और राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हिम क्लेव - 2019 के प्रथम सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ एवं तनाव युक्त जीवन में फि जियोथैरेपिस्ट का महत्व और भी अधिक हो गया है। पहाड़ी प्रदेश होने के कारण हिमाचल में सड़क दुर्घटनाओं की आवृत्ति अन्य राज्यों की अपेक्षा अधिक रहती है जिसके दृष्टिगत फिजियोथैरेपिस्ट की भूमिका महत्वपूर्ण है।
फिजियोथैरेपिस्ट परिषद के गठन पर विचार
सीएम ने कहा कि फि जियोथैरेपिस्ट की बेहतर कार्यप्रणाली के लिए सरकार प्रदेश फिजियोथैरेपिस्ट परिषद के गठन की मांग पर विचार करेगी। वहीं, एसीएस स्वास्थ्य आरडी धीमान ने कहा कि फि जियोथैरेपिस्ट सभी आयु वर्ग के लोगों को स्वस्थ रखने में सहायता करते हैं। इंडियन फिजियोथैरेपिस्ट एसोसिएशन के हिमाचल चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. अनूप कुमार ने मांगों से मुख्यमंत्री को अवगत करवाया।
इस दौरान निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. एके गुप्ता, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. रवि शर्मा, राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. रंजना राव, पदमश्री डॉ. ओमेश भारती, एसोसिएशन के हिमाचल चैप्टर के महासचिव डॉ. नागेश शर्मा, कोषाध्यक्ष डॉ. विजय भारद्वाज, संयुक्त सचिव डॉ. अरुण वर्मा और संगठन सचिव डॉ. पारस सहगल आदि उपस्थित थे।