अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऊना के मुआवजा न देने पर जनशताब्दी एक्सप्रेस को किसानों के हवाले करने के फैसले के बाद उत्तर रेलवे हरकत में आ गया है। रेलवे किसानों की अधिकृत की जमीन का मुआवजा देने को तैयार हो गया है।
हालांकि, रेलवे का लीगल सेल अभी यह तय करेगा कि राशि हाईकोर्ट के माध्यम से जमा कराई जाए या ऊना एडीजे के माध्यम से। उत्तर रेलवे के अधिवक्ता मोहन लाल भूंचाल ने इसकी पुष्टि की है।
उन्होंने कहा कि रेलवे की एक अपील हाईकोर्ट में लंबित है। वह एडीजे के फैसले की प्रति के इंतजार में हैं। इसके बाद तय किया जाएगा कि राशि किस कोर्ट के माध्यम से जमा कराई जाए।