एचपीयू का दूरवर्ती शिक्षा एवं मुक्त अध्ययन केंद्र इक्डोल अब एमए एजूकेशन कोर्स शुरू करने जा रहा है। बीएड के बाद जो भी इस कोर्स को करेगा, उसे एमएड के समकक्ष माना जाएगा।
एनसीटीई की गाइडलाइन के बाद इक्डोल से एमएड को खत्म कर दिया गया है। ऐसे में यह खबर उन छात्रों के लिए राहत भरी है, जिन्होंने बीएड तो की है लेकिन वे नियमित एमएड नहीं कर पा रहे हैं।
स्नातक की पढ़ाई करने के बाद भी इस कोर्स को किया जा सकता है। हालांकि, तब इसकी मान्यता एमए एजूकेशन के बराबर ही रहेगी। बीएढ के छात्र यदि इस कोर्स को करते हैं तो इसे एमएड के समकक्ष ही माना जाएगा।
इक्डोल ने इसकी कवायद शुरू कर दी है। कुलपति की ओर से इसे हरी झंडी प्रदान कर दी गई है। कोर्स शुरू करने की तैयारियां समय से पूरी हुई तो नए सत्र से ही एमए एजूकेशन शुरू किया जा सकता है।
एमए एजूकेशन करने पर डिग्री एमएड के बराबर हो जाएगी। इस नए कोर्स के लिए किसी भी संकाय में स्नातक डिग्री धारक पात्र होंगे, मगर बीएड कर चुके छात्रों के लिए इसका फायदा अधिक मिलेगा। विश्वविद्यालय 1976 में भी एमए एजूकेशन कोर्स करवाता था, मगर एमएड डिग्री शुरू करने पर इसे बंद कर दिया गया था।