पत्रकार वार्ता करते जयराम ठाकुर।
- फोटो : अमर उजाला
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि कांग्रेस सरकार ने छह मुख्य संसदीय सचिव इसलिए बनाए, ताकि ये भाग न जाएं। पहले भी कांग्रेस सरकार ने नौ सीपीएस बनाए थे। असम सरकार ने सीपीएस और पीएस के लिए जो एक्ट बनाया था, उस पर गुवाहाटी के हाईकोर्ट ने पूछा था कि क्या विधानसभा को इसे बनाने का अधिकार है।
सोमवार को शिमला में पत्रकार वार्ता में जयराम ने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह संविधान की आत्मा के खिलाफ है। दिल्ली ने 21 सीपीएस बनाए थे। बाद में यह सबके सब विदड्रा हो गए थे। भाजपा सरकार के सामने भी यह विषय आया था, पर उन्होंने नैतिकता के आधार पर ऐसा नहीं किया।
जयराम ने कहा कि मुख्यमंत्री के बराबर के उप मुख्यमंत्री हैं, वह खुद को मुख्यमंत्री से कम नहीं मानते। वह सार्वजनिक मंच से कह रहे हैं। उपमुख्यमंत्री का एक पत्र वायरल हो रहा है। उन्होंने पत्र में कहा कि यह जनादेश एक व्यक्ति के लिए नहीं, संयुक्त नेतृत्व के लिए है।
इसमें वर्तमान में मुख्यमंत्री के काम करने के तरीके के खिलाफ बात की गई है। तीन लोगों के नाम भी मंत्री बनाने को भेजे हैं। यह भी जिक्र किया है कि प्रदेश में वर्तमान परिस्थिति का उन्हें दुख है। कहा कि डीजल की कीमतें बढ़ाकर गरीब लोगों का जीवन और भी कठिन कर दिया है।
मेरी सरकार के कर्ज को लेकर गलत आंकडे़ पेश कर रही सुक्खू सरकार
पूर्व सीएम ने कहा कि उनकी पिछली सरकार के खिलाफ सुक्खू सरकार कर्ज लेने के गलत आंकड़े पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश विधानसभा के शीत सत्र के दौरान इस बारे में एक विधेयक पारित किया गया है। सुक्खू सरकार फिर से 3,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेने की तैयारी कर चुकी है।