घुमारवीं के पूर्व विधायक कर्मदेव धर्माणी के देहांत पर वीरवार को सदन में विधायकों ने शोकोद्गार प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की ओर से सदन में रखे गए शोक प्रस्ताव के बाद विधानसभा में विधायकों ने मौन भी रखा।
कर्मदेव धर्माणी का बुधवार सायं घुमारवीं में दिल का दौरा पड़ने से आकस्मिक निधन हो गया था। मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि धर्माणी के बिलासपुर जिला और विशेष रूप से घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के लिए योगदान को लोगों की ओर से लंबे समय तक याद किया जाएगा।
सीएम ने परमपिता परमात्मा से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है।
सीएम ने कहा कि हाल ही में उन्हें केडी धर्माणी का फोन आया था तो वह बोले - मुझे मालूम है कि तू बड़ा आदमी बन गया है। अब समय की कमी है। फिर भी यहां से गुजरते वक्त चाय पीकर जाना। इसके बाद वह घुमारवीं गए और उनके पास रुके।
उनके देहांत पर विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री, नयनादेवी के कांग्रेस विधायक रामलाल ठाकुर, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज और विधानसभा अध्यक्ष ने भी शोकोद्गार पेश किए। बिंदल ने कहा कि वह अपने क्षेत्रीय मुद्दों को लगातार उठाते थे और हमेशा सीर खड्ड के तटीयकरण का मुद्दा उठाते थे।